मनाली (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली में देश-विदेश से भ्रमण पर आने वाले सैलानियों को नियमों को ताक पर रख कर बुलेट (मोटरसाइकिल) किराये पर देने का धंधा खूब चमक रहा है।
ट्रांसपोर्ट नियमों के मुताबिक बुलेट एक निजी वाहन है और इसके कामर्शियल प्रयोग में नहीं लाया जा सकता है लेकिन मनाली में ऐसा बेरोकटोक हो रहा है। सरकार के राजस्व को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस अवैध कारोबार को चलाने के लिए मनाली में कई लोगों ने अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर बुलेट खरीद रखे हैं और इनका इस्तेमाल कामर्शियल तौर पर किया जा रहा है। मनाली में देश विदेश के सैकड़ों सैलानी पहुंचते है। यहां पहुंचने पर स्थानीय लोग सैलानियों को बुलेट किराये पर देते हैं। जिसका दो से तीन हजार रुपये प्रति दिन का किराया वसूल किया जाता है। इससे जहां नियमों की अवहेलना हो रही है, वहीं सरकार को रोड टैक्स के रूप में साल की लाखों रुपये की चपत भी लग रही है। उधर, प्रशासन ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए साफ कर दिया है कि अगर कोई भी बुलेट किसी को किराये पर दिया मिला तो उसे कब्जे में लेकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कोट्स
एसडीएम मनाली ज्योति राणा ने कहा कि बुलेट को कामर्शियल प्रयोग नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बुलेट किराये पर देने वालों को इस कारोबार को बंद करने के आदेश दिए हैं। फिर भी ऐसा करते हुए कोई पकड़ा गया तो उसके बुलेट कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
90 दिन में कमाए जा रहे लाखों
एक अनुमान के मुताबिक मनाली में पर्यटन कारोबार करीब 90 दिन होता है। ऐसे में एक बुलेट को किराये पर देकर सीजन में दो से ढाई लाख रुपये तक कमाया जाता है। जबकि एक 350 सीसी के बुलेट की कीमत एक लाख से 1.27 हजार तक है।