छन्नीखोड़ में बार-बार बंद हो रही भुंतर-मणिकर्ण-बरशैणी मुख्य सड़क
लगातार भूस्खलन होने से फंसा सेब, बागवानों की परेशानियां भी बढ़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पार्वती घाटी की भुंतर-मणिकर्ण-बरशैणी मुख्य सड़क ने लोगों की दिक्कत बढ़ा दी है। सड़क छन्नीखोड़ में बार-बार बंद हो रही है। मणिकर्ण और बरशैणी तक कई जगह नाले सड़क पर बह रहे हैं। कई क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन हो रहा है।
घाटी की अन्य संपर्क सड़कें भी भूस्खलन के कारण बार-बार बंद हो रही हैं। इस वजह से घाटी का सेब फंस गया है। टूटी-फूटी सड़कों ने सेब सीजन की रफ्तार रोक दी है। एक महीने से भुंतर-मणिकर्ण सड़क लगातार बाधा बनी हुई है। सड़क बार-बार सरसाड़ी, छन्नीखोड़ और शारणी आदि जगहों पर बंद होने से बागवानों की परेशानी बढ़ रही है।
घाटी के बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं। सड़क बंद होने से फसल को मंडियों तक पहुंचाना समस्या बना हुआ है। इससे बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बागवान रमेश, मोहन लाल, सरणपत, मोनिश, आर्व, धनी राम ने कहा कि पार्वती घाटी की मुख्य सड़क का बार-बाद बंद पड़ना बागवानों के लिए आफत बना हुआ है। बागवानों को सेब की फसल सब्जी मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बीसी नेगी ने कहा कि सड़क को बहाल करने के लिए विभागीय मशीनरी मौके पर तैनात है। भारी बारिश काम में बाधा उत्पन्न कर रही है।
भुंतर-मणिकर्ण सड़क के बार-बार बंद होने से घाटी में सेब सीजन की रफ्तार ही धीमी पड़ गई है। बागवानों को मजबूरन तुड़ान भी रोकना पड़ रहा है। सड़क अवरुद्ध होने और सेब तुड़ान रोकने के कारण बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। - चेत राम, निवासी कशावरी।
भारी बारिश और भुंतर-मणिकर्ण-बरशैणी सड़क के बार-बार बंद होने से बागवानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। मजबूरन सेब तुड़ान रोकना पड़ा है लेकिन सेब बगीचों में लाली खो रहा है और इसका रंग काला पड़ रहा है। - हरीश, निवासी मणिकर्ण