उदयपुर (लाहौल- स्पीति)। अटल टनल रोहतांग के निर्माण के लिए चंद्रा नदी पर बने 180 फीट लंबे बैली ब्रिज को बीआरओ के 94 आरसीसी ने हटा दिया है। 66 टन की भार क्षमता वाले इस पुल को खोलकर हटाने में 40 जवानों को 11 घंटे का समय लगा।
चंद्रा नदी पर वाहन योग्य पक्का पुल बन जाने से अब गाड़ियां अटल टनल रोहतांग के रास्ते लाहौल-कुल्लू के बीच आवाजाही कर रही हैं। ऐसे में इस बैली ब्रिज का इस्तेमाल नहीं हो रहा था। इसके चलते बीआरओ ने इसे हटाने का फैसला लिया। इस बैली ब्रिज का सामान अब अन्य पुलों की मरम्मत में इस्तेमाल किया जाएगा। गौरतलब है कि तांदी-संसारी नाला 140 किलोमीटर लंबी सड़क पर बीआरओ 94 अपने अधीन पुराने पुलों को दुरुस्त कर रहा है। इस सीजन की शुरुआत में इसी मार्ग पर तिंदी से करीब ढाई किलोमीटर आगे किलाड़ की तरफ थंगा नाले में आरसीसी (कंक्रीट) के पुल का काम प्रगति पर है। जुंडा नाले में बने पुराने पुल की मरम्मत कर इसे भी चकाचक किया गया है, जबकि शांशा पुल को चकाचक करने की तैयारी चल रही है। अटल टनल रोहतांग बन जाने के बाद बीआरओ का सभी खस्ताहाल पुलों के साथ सड़कों को बेहतर बनाने का अभियान जारी है। पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए घाटी के लोग पुल व सड़कों के चकाचक होने के कयास लगा रहे हैं। उदयपुर में तैनात 94 आरसीसी के ऑफिसर इंचार्ज ब्रिज कमांडर मेजर वंश सूद ने कहा कि सभी पुल चकाचक होंगे। इसके मद्देनजर अटल टनल रोहतांग के निर्माण कार्य के लिए चंद्रा नदी पर बनाए बैली ब्रिज को हटा दिया गया है। ओसी मेजर दीपक भगत ने कहा कि पुलों के साथ सड़कों के रखरखाव का कार्य जारी है।