आपस में जोड़े जाएंगे जिले के तीन ब्लॉक, सर्वे पूरा, रोजगार के अवसर भी मिलेंगे
बंजार, आनी और निरमंड ब्लॉक के लिए जिला परिषद ने तैयार किया है प्रारूप
मनरेगा के तहत होगा काम, जिला कुल्लू के पर्यटन कारोबार को मिलेगी गति
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में सबसे बड़ी इको ट्रेल का निर्माण किया जाएगा। इससे इको पर्यटन विकसित होगा। 80 से सौ साल पुराने ब्रिटिशकालीन पाथ को विकसित करने के लिए प्रारूप तैयार किया गया है। इसका सर्वे पूरा हो चुका है। इस इको ट्रेल के माध्यम से जिले के तीन ब्लॉकों को आपस में जोड़ा जाएगा।
प्रारूप के अनुसार बंजार उपमंडल के बाहू से इको ट्रेल शुरू होकर आनी उपमंडल के ग्रामीण इलाकों होते हुए निरमंड की बाना सराहन पंचायत तक निकलेगी। इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इस इको ट्रेल गुजरने वाले इलाकों के बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रारूप के अनुसार इस ट्रेल के लिए 2 करोड़ तक बजट खर्च करने का प्रावधान किया जा रहा है। इको ट्रेल का निर्माण मनरेगा के तहत होगा। इसके निर्माण में भी लोगों को रोजगार मिलेगा। उसके तैयार होने के बाद भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इन इलाकों को छूते हुए गुजरेगी इको ट्रेल
इको ट्रेल के लिए हुए सर्वे के मुताबिक इसका निर्माण बंजार उपमंडल के बाहू से शुरू होगा और उसके बाद आनी के टकरासी, कराड़, फनौटी, खनाग, बुच्छैर, कराणा, लफाली होकर निरमंड की नोर और सराहन पंचायत होगा। इससे बंजार से निरमंड के सराहन तक ट्रेल के माध्यम से तीन ब्लॉक को आपस में लिंक किया जाएगा और यह इको ट्रेल पाथ सबसे लंबा होगा।
मनरेगा के तहत होगा निर्माण
योजना के अनुसार इस इको ट्रेल का निर्माण जिला परिषद, पंचायत, बीडीओ के साथ साथ वन विभाग के संयुक्त प्रयास से किया जाएगा। इसमें मनरेगा के तहत निर्माण करने की योजना है। लिहाजा, इस योजना का पूरा खाका आने वाले दस दिन में तैयार करने की तैयारी चल रही है।
जिले के तीन ब्लॉकों बंजार, आनी और निमरंड को इको ट्रेल के माध्यम से आपस में जोड़ने का प्रारूप बनाया जा रहा है। इसका सर्वे पूरा हो चुका है। दस दिन के भीतर योजना को फाइनल रूप देने की तैयारी है। इसके बाद मनरेगा के तहत इस कार्य को किया जाएगा। - पंकज परमार, जिला परिषद अध्यक्ष कुल्लू