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तीन दशक से सैंज-लारजी सड़क पर पागल नाले में नहीं बन पाया पुल

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बारिश होने पर मलबे से बंद पागलनाला। फाइल फोटो - फोटो : Kullu
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सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी के हजारों लोगों के लिए बरसात में पागलनाला तीन दशकों से समस्या बना हुआ है। लारजी-सैंज सड़क में पागल नाले पर पुल न बनाए जाने से सैंज घाटी की जनता राजनेताओं को घेरने के मूड में हैं।
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नाले पर पुल बनाए जाने की मांग लगातार उठ रही है। हर चुनाव में यह मुद्दा जनता की जुबान पर रहता है। चुनाव के बाद किसी नेता ने यहां के लिए स्थायी समाधान नहीं तलाशा। इस बार फिर पागलनाला चुनावी मुद्दा बन गया है। बरसात में पागल नाले का कहर हर बार आफत बन कर टूटता है। यहां प्रकृतिक तौर पर निकलने वाले मलबे से सड़क पर यातायात बाधित आम बात है।
बीते कई वर्षों में सैंज घाटी में परियोजना का निर्माण कर रही कंपनियां सड़क से मलबा हटाने के लिए मशीनरियां लगाती रही हैं, मगर परियोजनाओं का काम सिमटने से यह समस्या सैंज घाटी के लोगों के लिए आफत बनी है। तलाड़ा गांव के पास इस नाले पर पुल बनाए जाने के लिए लोग कई बार आवाज उठा चुके हैं। यह सड़क सैंज घाटी की 17 पंचायतों की बरी 25,000 आबादी को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क है।
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सैंज संघर्ष समिति के प्रधान महेश शर्मा ने कहा कि सड़क बाधित होने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में जब फल और सब्जी का सीजन चर्म पर होता है तो किसानों और बागवानों भारी नुकसान झेलना पड़ता है। फल-सब्जी समय पर मंडी में न पहुंचने से किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।
सैंज घाटी के दिपू ठाकुर, बाल मकुंद, हरभजन, दीपक, ऐले राम और सेस राम ने कहा कि पागल नाला बंद होने से लोगों को हर बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। भारी बारिश के बीच कई घंटे सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ता है। रोशन लाल, विद्या नेगी, महेंद्र सिंह शर्मा, मोती राम ठाकुर, पुर्ण चंद और प्रेम सिंह ने कहा कि पागलनाला में मलबा आने से घाटी का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। यहां स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। पुल बनाए जाने का मुद्दा चुनावों में खूब उछलता है लेकिन बाद में कोई नहीं पूछता है।
पागल नाले पर पुल बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने काम शुरू कर दिया है। 40 लाख की लागत से पुल के बनने से घाटी में यातायात बाधित रहने की समस्या का स्थायी सामाधान हो जाएगा। इसके अलावा सपांगनी-कंढा की बाईपास सड़क को तलाडा से जोड़ने के लिए भी 17 लाख विभाग को जारी किए गए हैं।
सुरेंद्र शौरी, विधायक, बंजार विस
भाजपा सरकार ने बंजार विस की सड़कों और पुलों की दशा सुधारने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। यही वजह है कि भाजपा सरकार बनने के बाद पूरे विस क्षेत्र की सड़कों की हालत खस्ता है। कांग्रेस सत्ता में आते ही सड़कों और पुलों की हालत सुधारेगी।
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खीमीराम शर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी
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