देवता धार्मिक नगरी मणिकर्ण में करेंगे शाही स्नान
चार दिसंबर को मणिकर्ण में निभाएंगे देव परंपराएं
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। आराध्य देवता बिजली महादेव और माहुंटी नाग धार्मिक नगरी मणिकर्ण के लिए रवाना होंगे। दोनों देवता एक दिसंबर को शाही स्नान करने के लिए सैकड़ों हारियानों के साथ प्रस्थान करेंगे।
इसके लिए तमाम तैयारियां देवलुओं और कारकूनों ने पूरी कर ली हैं। बता दें कि दोनों देवता धार्मिक नगरी मणिकर्ण में शाही स्नान के लिए तीन सालों के बाद जा रहे हैं।
एक दिसंबर को देवता अपने देवालय भ्रैंण से ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों के बीच सैकड़ों हारियानों के साथ धार्मिक नगरी मणिकर्ण के लिए रवाना होंगे। माहुंटी नाग रविवार को अपने हारियानों के साथ कोट मंदिर से भ्रैंण के लिए रवाना हुए हैं। वहां बिजली महादेव के साथ एक दिसंबर को मणिकर्ण के लिए प्रस्थान करेंगे। देवता के आदेश पर देवलू देवताओं को मणिकर्ण शाही स्नान के लिए ले जा रहे हैं। पहले दिन देवता का ठहराव जरी में होगा। अगले दिन देवता पूजा-अर्चना के बाद मणिकर्ण के लिए रवाना होंगे और वहां रात्रि विश्राम होगा। अगले दिन दोनों देवता मणिकर्ण में विश्राम करेंगे। बिजली महादेव के कारदार विनेंद्र जंबाल और माहुंटी नाग के कारदार लालचंद ठाकुर ने कहा कि चार दिसंबर को पूर्णिमा के दिन दोनों देवता मणिकर्ण राम मंदिर में शाही स्नान करेंगे और राम भगवान से भी भव्य मिलन होगा। उन्होंने कहा कि पांच दिसंबर को देवता ढुखरा में पहुंचेंगे और छह दिसंबर को पीणी और सात दिसंबर को माहुंटी नाग कोट पहुंचेंगे। अगर कोई बीच में देव कार्य होगा तो देवता के आदेशानुसार देव यात्रा होगी।
35 साल के बाद एक साथ लौटेंगे देवालय
बिजली महादेव और माहुंटी नाग 35 वर्ष के बाद साथ में अपने देवालय लौटेंगे। हर बार शाही स्नान के बाद माहुंटी नाग पीणी जाते थे और बिजली महादेव चौंग होते हुए अपने मंदिर पहुंचते थे। इस बार दोनों देवता साथ में शाही स्नान करने के बाद देवालय लौटेंगे।