रंग ला रहे प्रयास, महत्वपूर्ण टनल के धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ी
केंद्र ने दी हुई है सैद्धांतिक मंजूरी, डीपीआर बनने का इंतजार
जोगिंद्रनगर और कुल्लू के बीच कम होगी 60 किलोमीटर दूरी
बलदेव राज
कुल्लू। जोगिंद्रनगर और कुल्लू के बीच की दूरी को पाटने वाली महत्वपूर्ण भुभू जोत टनल के धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ गई है। लंबे समय से कुल्लू के लोगों का सपना बनी भुभू जोत टनल की दिशा में किए जा रहे प्रयास धीरे-धीरे रंग ला रहे हैं।
कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने विधायक प्राथमिकता के तहत हुई बैठक में भुभू जोत टनल सहित कुल्लू की बड़ी परियोजनाओं को प्रमुखता से रखा है। इन पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा भी हुई है। भुभू जोत टनल बनने से जाेगिंद्रनगर और कुल्लू के बीच करीब 60 किलोमीटर की दूरी कम होगी। सामरिक दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण होगी। देश की सीमाओं पर पहरा दे रहे सैनिकों को भी इस प्रस्तावित भुभू जोत टनल बनने से सुविधा मिलेगी।
गौर रहे कि भुभू जोत टनल लंबे समय से प्रस्तावित है। हालांकि केंद्र सरकार भी इस दिशा में आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार की ओर से बहुचर्चित भुभू-टनल को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। अब इसकी डीपीआर बनेगी। भुभू जोत टनल की डीपीआर बनने का सबको इंतजार है। रक्षा मंत्रालय की ओर से बाकायदा नेशनल हाईवे के चीफ इंजीनियर को पत्र लिखकर इसका प्रारूप बनाने को कहा है। हालांकि यह देखने वाली बात होगी कि आखिर कब तक नेशनल हाईवे की ओर से इसकी डीपीआर तैयार की जाती है।
विधायक प्राथमिकता बैठक में भुभू जोत टनल, महाराजा रोपवे, कुल्लू अस्पताल विस्तार आदि कुल्लू की बड़ी परियोजनाओं के मुद्दों पर चर्चा हुई है। भुभू जोत टनल सिर्फ कुल्लू और जोगिंद्रनगर के बीच दूरी कम करने तक ही सीमित नहीं होगी, बल्कि इसका सामरिक महत्व भी बढ़ जाएगा। - सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक कुल्लू सदर