एक सप्ताह से मौहल के शनि मंदिर में चल रही भागवत कथा का रविवार को समापन हो गया। ज्ञान गंगा का प्रवाह करते हुए कथावाचक बृजराज महाराज ने सुदामा चरित्र पर प्रकाश डाला। बृजराज प्रवचन करते हुए कहा कि संपूर्ण भक्ति से प्रभु प्राप्ति होती है। सत्कर्म मनुष्य का भाग्य बदल देते हैं।
रीमद्भागवत गीता श्रवण करने से कष्ट कटते हैं और मनुष्य रोगों से छुटकारा पा सकता है। इस अवसर पर हवन का आयोजन भी किया गया। वहीं, सोमवार को कथा के समापन अवसर पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा का आयोजन स्वामी सरण दास महाराज ने किया। उन्होंने कहा कि सोमवार से ही कलैहली में एक सप्ताह की कथा का शुभारंभ हो रहा है।