कुल्लू दशहरा उत्सव के छठे दिन मौहल्ला उत्सव में देव मिलन करते हुए।-संवाद
कुल्लू। अठारह करड़ू की सौह में चल रहे अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के छठे दिन मंगलवार को मौहल्ला मनाया गया। दशहरा में देवमिलन का अनूठा नजारा देखने को मिला। दशहरा में आए पौने तीन सौ सभी देवी-देवता अपने अस्थायी शिविरों से बाहर निकले। देवताओं ने भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में जाकर देवमिलन किया। भगवान रघुनाथ बुधवार को लंका पर चढ़ाई करेंगे। लंका पर चढ़ाई से पहले देवी-देवताओं ने भगवान रघुनाथ को शक्तियां प्रदान कीं। खास बात यह रही कि बारिश के बावजूद देवलुओं में माैहल्ला को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ।
मंगलवार सुबह 8:00 बजे भगवान रघुनाथ की अस्थायी शिविर में पूजा-आराधना हुई। सुबह से देवताओं के अस्थायी शिविर में श्रद्धालुओं का दर्शनों के लिए तांता लगना शुरू हो गया। रघुनाथ के अस्थायी शिविर में भजन-कीर्तन का दौर भी चला रहा। इसके बाद देवता अस्थायी शिविर के पास आना शुरू हो गए। पहले भगवान रघुनाथ से देवमिलन के बाद देवता राजा की चानणी के पास गए। दोपहर 2:00 बजे अधिकतर देवताओं ने मौहल्ला में जाने की तैयारी कर ली। इसके बाद देवता अपने देवलुओं के साथ मौहल्ला के लिए निकल पड़े। कुल्लू की खराहल, पार्वती घाटी, ऊझी घाटी, सैंज, बंजार और आनी के देवताओं ने भगवान रघुनाथ से देवमिलन किया। इस दौरान घाटी वाद्य यंत्रों से गूंज उठी। घाटी के अधिष्ठाता बिजली महादेव, माता हिडिंबा, माता पार्वती, देवता पिरड़ी महादेव, जुआणी महादेव, कार्तिक स्वामी सिमसा, माता त्रिपुरा सुंदरी, माता दोचा मोचा, माता शरवरी, देवता नाग धूंबल, देवता आदि ब्रह्मा सहित अन्य देवताओं ने भगवान रघुनाथ से देवमिलन किया। इसके बाद कई देवी-देवता एक-दूसरे के अस्थायी शिविरों में भी गए। देवताओं ने गूर के माध्यम से अपनी बात भी कही। भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह का कहना है कि मौहल्ला में दशहरा में आए हुए सभी देवी-देवता भगवान रघुनाथ से देवमिलन के लिए अस्थायी शिविर में पहुंचे।
बारिश ने डाला खलल
दशहरा उत्सव में लगातार तीसरे दिन रही बारिश ने खलल डाला। देवता के दर्शनों के लिए आए हुुए श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौहल्ला में हल्की बारिश में छाते लेकर लोग देवमिलन देखने के लिए डटे रहे। बारिश होने के बावजूद दशहरा में बीते दो दिनों के मुकाबले अधिक भीड़ देखने को मिली।