बाढ़ ने बहाया भवन का एक हिस्सा, लंबा खिंचता जा रहा अस्पताल के निर्माण का काम
अभी तक खर्च हो चुकी है दस करोड़ की राशि, साल 2023 की बाढ़ से भी हुई थी क्षति
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बजौरा में ब्यास नदी के किनारे बन रहा मल्टी स्पेशलिटी आयुष अस्पताल एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया है। साल 2023 के बाद 2025 में दोबारा आई बाढ़ ने अस्पताल भवन के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया है।
इसके निर्माण पर अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं लेकिन 12 साल बाद भी अस्पताल का काम अधूरा है। अब फिर से शून्य से शुरू करने की नौबत आ गई है। आयुष विभाग कुल्लू और मंडी जिले की सीमा पर बजौरा में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल बना रहा है। निर्माणाधीन भवन को ब्यास नदी में आई बाढ़ से नुकसान पहुंचाया है।
गौर रहे कि ब्यास नदी की बाढ़ से सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। बजौरा में बन रहा 50 बिस्तरों का मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल भी बाढ़ की चपेट में आया है। इससे मरीजों को अस्पताल का कुछ साल और इंतजार करना होगा। बाढ़ के कारण मरीजों को जल्द सुविधा नहीं मिल पाएगी।जिले के मरीजों को आयुष पद्धति से उपचार करवाने के लिए ढालपुर और कटराईं जाना पड़ रहा है। अस्पताल भवन का निर्माण 12 साल से किया जा रहा है। ब्यास में आई बाढ़ से अस्पताल के भवन में दरारें आ गई हैं। 50 बिस्तरों का मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल कुल्लू, बंजार और द्रंग विधानसभा के मरीजों को उपचार सुविधा देगा। अस्पताल में पंचकर्म विधि से उपचार की व्यवस्था होगी। अस्पताल परिसर की खाली जमीन पर हर्बल गार्डन बनाने की भी योजना है। उधर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. सोनिया दुग्गल ने बताया कि बजौरा में 50 बिस्तरों का मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से इलाज होगा। साथ ही योग से निरोग रहना सिखाया जाना है। मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों को आउटडोर के साथ इनडोर की चिकित्सा सुविधाएं भी मिलेंगी। निर्माणाधीन भवन के क्षतिग्रस्त हिस्से को तोड़ा जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।