योग की राह पर कुल्लू, वेलनेस केंद्रों में लोगों को सिखाई जा रहीं विधाएं
टीमें जिले के गांवों में भी बता रहीं योग से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की कला
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच अब लोग दोबारा प्राचीन भारतीय ज्ञान की ओर लौट रहे हैं। कोरोना काल के बाद योग और आयुष पद्धति पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
जिले में आयुष वेलनेस केंद्रों के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है ताकि लोग न केवल बीमारियों से बच सकें, बल्कि एक स्वस्थ और संतुलित जीवन भी जी सकें।
आयुष विभाग भी लोगों को निरोग रखने की दिशा में कार्य कर रहा है। जिले में लोगों को योग से निरोग रहने की विधाएं सिखाई जा रही हैं। विभाग के वेलनेस केंद्रों पर योग सेशन करवाए जा रहे हैं। वेलनेस केंद्रों के अधीन आने वाले गांवों में भी विभागीय टीमें लोगों योग विधाएं सिखा रही हैं। योग से कैसे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है, इसकी विस्तार से योग सेशन में जानकारी दी जा रही है। लोगों को विभिन्न बीमारियों के लक्षणों और उनसे बचाव के प्रति सजग भी किया जा रहा है।
गौरतलब है कि जिले में लोग आयुष पद्धति से उपचार करवाने को तरजीह दे रहे हैं। विभाग भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास कर रहा है। आयुष विभाग ने जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों में स्थापित वेलनेस केंद्रों में योग सेशन रोजाना चला रहा है। योग प्रशिक्षक लोगों को योग विधाएं और क्रियाएं सिखा रहे हैं। इसमें योग प्रशिक्षक सूर्य नमस्कार के साथ योग की विभिन्न क्रियाओं का नियमित अभ्यास करवा रहे हैं। लोग इन योग क्रियाओं को दिनचर्या में शामिल कर स्वयं को निरोग रख सकते हैं।
उधर, आयुष विभाग की जिला आयुष अधिकारी डॉ. सोनिया ने कहा कि योग को निरंतर करने से लोग निरोग रह सकते हैं। इसके लिए वेलनेस केंद्रों पर योग सेशन जारी हैं।