कुल्लू। मानसून के कमजोर पड़ते ही पर्यटकों ने एक बार फिर कुल्लू की वादियों का रुख कर लिया है। मणिकर्ण के साथ जिभी वैली भी पर्यटकों से गुलजार हो गई है। वीकेंड पर जलोड़ी दर्रा, रघुपुरगढ़ और सोझा में हजारों सैलानी पहुंच रहे हैं। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दक्षिण भारत से पहुंच रहे पर्यटकों के चलते पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। 15 सितंबर के बाद पर्यटन कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है। बरसात का दौर थमने के बाद जिले में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, जिपलाइन और क्लाइंबिंग जैसी साहसिक गतिविधियां भी शुरू हो जाएंगी।
सितंबर शुरू होते ही कुल्लू घाटी में पर्यटन कारोबार ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। इसका असर सड़कों पर भी दिखने लगा है। वीकेंड पर हाईवे-305 पर पर्यटक वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। शनिवार और रविवार को मणिकर्ण, जिभी, सोझा, रघुपुरगढ़ और जलोड़ी दर्रा में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे।
सोझा से जिभी तक वाहनों की आवाजाही बढ़ने से जाम की स्थिति बनी रही। करीब सात किलोमीटर का सफर तय करने में एचआरटीसी की बस को एक घंटे तक का समय लग रहा है। इससे पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग परेशान हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, हाईवे संकरा और सड़क किनारे बेतरतीब पार्क किए जा रहे वाहन जाम की मुख्य वजह बन रहे हैं। स्थानीय निवासी सुरेश कुमार, मीना राम, सुनील ठाकुर और रोहित ने बताया कि वीकेंड पर पर्यटन स्थलों के साथ सड़कों पर भी पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल रही है। दो दिनों में मणिकर्ण, जिभी और सोझा में करीब 800 पर्यटक वाहन पहुंचे हैं। संवाद