क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में जुट रही भीड़, वायरल पीड़ित है हर तीसरा व्यक्ति
बारिश-बर्फबारी के बाद बढ़ी संख्या, डॉक्टर दे रहे एहतियात बरतने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में बारिश-बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। करीब एक सप्ताह तक जारी रही बारिश-बर्फबारी से कुल्लू शीतलहर की चपेट में आ गया है। वायरल के मरीजों में भी एकाएक वृद्धि हुई है।
शीतलहर के बीच लोगों को सर्दी-जुकाम और बुखार जकड़ रहा है। अस्पतालों में वायरल के मरीजों की उपचार करवाने के लिए भीड़ लग रही है। जिले के अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाला हर तीसरा व्यक्ति वायरल की चपेट में है। सामान्य ओपीडी में सर्दी-खांसी के मरीज आ रहे हैं। लगातार बढ़ रही ठंड के चलते फिलहाल लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की बात करें तो जनरल ओपीडी में वायरल की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या ठीक है। शिशु रोग, मेडिसिन, महिला और पुरुष जनरल ओपीडी में प्रतिदिन करीब 400-450 के बीच मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इनमें 120 से 150 मरीज वायरल की चपेट के मिल रहे हैं। हालांकि, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात डॉक्टर लोगों को एहतियात बरतने के साथ ठंड से बचने से सलाह दे रहे हैं। जिले के अन्य प्राथमिक, सामुदायिक और नागरिक अस्पतालों में भी वायरल के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर ने कहा कि ओपीडी में सर्दी और खांसी के मरीजों की संख्या अधिक है। मरीजों का उपचार के साथ दवाइयां दी जा रही हैं।
वायरल के ये हैं लक्षण
आमतौर पर नाक बंद और नाक बहना, छींकें, आंखों में खुजली, दस दिन से ज्यादा लक्षण, कभी-कभी गले में दर्द रहता है। इसके साथ ही कभी-कभी खांसी और थकावट महसूस होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल के लक्षण दिखने पर डॉक्टर के पास पहुंचकर सलाह और दवाइयां लें।