कुल्लू के शमशी आईटीआई में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में भाग लेती पररशिक्षू।
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कुल्लू। महिला को सशक्त बनने के लिए शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर महिला स्वस्थ होगी, तभी वह आगे बढ़ सकेगी। ध्यान रहे कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छी डाइट भी चाहिए। भोजन में पौष्टिक पदार्थों को शामिल करने से हम कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए सुबह का खाना लेना न भूलें।
यह बात स्वास्थ्य विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. देचेन वागमों ने कही। उन्होंने आईटीआई शमशी में वीरवार को आयोजित अपराजिता कार्यक्रम 100 मिलियन स्माइल्स के दौरान बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि हाथ में हथियार लेकर चलने से महिला सशक्त नहीं होगी। सशक्तीकरण की दिशा में सबसे पहले शिक्षा है। शिक्षा के बाद सबसे जरूरी अच्छा स्वास्थ्य है। उन्होंने कहा कि घरों में रोटियां बनाने के लिए सुपर फाइन आटे का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि इस आटे में पौष्टिक तत्व नहीं होते हैं। ऐसे में घरों में भूरे रंग के आटे का इस्तेमाल करे। जंक फूड खाने से परहेज करे। पिछले दिनों जिले में चलाए पोषण माह के तहत देखने में आया है कि 80 फीसदी बच्चों में खून की कमी पाई है। इसकी वजह अच्छी डाइट की बजाय जंक फूड खाना है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म को कुल्लू में बुरा मानते हैं। इस पर कोई भी खुलकर चर्चा नहीं करना चाहता है। लेकिन यह साधारण प्रक्रिया है। इसको लेकर स्वास्थ्य केंद्रों में परामर्श भी दिया जाता है। महिलाओं में बदलाव लाने की क्षमता है। जब महिला सशक्त और स्वतंत्र होगी तभी उसके खिलाफ होने वाले अपराधों में भी कमी आएगी। आईटीआई शमशी के प्रधानाचार्य इंजीनियर सुनील शर्मा ने कहा कि महिलाओं के प्रति सोच में अब काफी बदलाव आया है। सरकार भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम सराहनीय है। ऐसे अभियान ग्रामीण स्तर पर भी चलाए जाने की आवश्यकता है। इस दौरान प्रशिक्षक युवराज ठाकुर, वंदना गुप्ता, अंजू नेगी, रेखा देवी, कांता देवी, दीपिका, जनक राज, तोयलकांत ठाकुर आदि मौजूद रहे।
कुल्लू के शमशी आईटीआई में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में जानकारी देते हुए।- फोटो : Kullu