कुल्लू। महिलाओं के साथ अगर घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ आदि घटनाएं होती हैं तो वे कई बार डर के कारण नहीं बता पाती हैं। महिलाएं ऐसा कभी न करे। अपराध को छुपाए नहीं, बल्कि पुलिस को बताएं। इसके बाद ही पुलिस आपकी मदद कर सकती है।
वर्तमान में कई लोग बेटियों को गर्भ में ही मार देते हैं। गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग जांच करवाना अपराध है। इसके लिए सजा का भी प्रावधान है। डीएसपी आशीष शर्मा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काईस स्थित सेउबाग में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि उन्होंने छात्राओं को जागरूक किया। छात्राओं को कानून और अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। डीएसपी आशीष शर्मा ने कहा कि घरेलू हिंसा प्रतिषेध अधिनियम, पोक्सो एक्ट, कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ कानून, आईपीसी 354 जैसे कानून खासकर महिलाओं के हित के लिए बनाए गए थे। घरेलू हिंसा अधिनियम में पुलिस मामला कोर्ट में देने से पहले दोनों पक्षों की काउंसलिंग के माध्यम से सुलह की कोशिश करती है। अगर मामला काउंसलिंग में नहीं सुलझता है तो इसे कोर्ट को भेजा जाता है। अब देखने में आ रहा है कि सड़क पर अगर कहीं दुघर्टना हो जाती है तो लोग घायलों की मदद करने की बजाय सेल्फी, फोटो और वीडियो बनाने में लग जाते हैं। एक अच्छे और जिम्मेदार नागरिक की भांति वहां पर लोगों को घायलों की सहायता करनी चाहिए व 108 पर काल करे। अगर घायल पानी मांग रहा है तो उसे पिलाएं। छात्राएं अपने परिजनों और स्वयं ऐसा कर अहम भूमिका निभा सकती हैं। अक्सर कुल्लू में देखा गया है कि लड़कियां जल्दी शादी कर लेती हैं। उन्होंने कहा कि लड़कियां ऐसा न करे। पहले पढ़ाई पूरी कर स्वयं को सशक्त बनाएं। इसके बाद ही शादी के बारे में सोचे। इससे उनको भविष्य में मुश्किल नहीं आएगी। इस दौरान अध्यापक शालू ठाकुर, जय सिंह, सुषमा सिंह, वीना ठाकुर, डोला राम, निशा शर्मा, सोनम, अनिता कटोच, रमेश चंद, ज्योति कुमारी, चंद्रशेखर, हरफे राम, अंजू मेहरा, नीलम महंत, संजीव कुमार, भवानी धीमान, सविता कुमारी, शिक्षा भारती, प्रेम नेगी, तेज राम, मंजूबाला, प्रेमलता, हुक्म राम आदि मौजूद रहे।
अपराजिता अभियान की सख्त जरूरत : कल्पना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काईस की प्रधानाचार्य कल्पना शर्मा ने कहा कि आज के समय में अपराजिता जैसे अभियान की सख्त जरूरत है। अमर उजाला की ओर से चलाया गया नारी गरिमा का सांझा संकल्प अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान सराहनीय है। कहा कि अगर छात्राएं अपराजिता शब्द को अपने अंदर समा लें तो वे किसी भी मुश्किल का डटकर सामना करने में सक्षम बनेंगी। इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए।