रघुपुर घाटी की फनौटी पंचायत में बादल फटने से तबाह रोहाचला-जुहड़ सड़क।
- फोटो : Kullu
कुल्लू। मानसून के छंट जाने के बाद भी जिला कुल्लू में बारिश से तबाही नहीं रुक रही है। ताजा मामला वीरवार दोपहर करीब तीन बजे का है जब जिला कुल्लू के बाह्य सराज की रघुपुर घाटी की फनौटी पंचायत में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। हालांकि बादल फटने आई बाढ़ में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ लेकिन किसान-बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घाटी में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी घटना है होने से फनौटी पंचायत के लोग सहम गए हैं। रघुपुरगढ़ के आसपास हुई मूसलाधार बारिश के दौरान बादल फटने से बालागाड़ खड्ड में भारी बाढ़ आ गई। विशालकाय पेड़, चट्टानें व पत्थरों के साथ आई बाढ़ का मलबा लोगों के सेब के बगीचों, मक्की, राजमा व मटर की फसल से लहलहाते खेत-खलिहानों में घुस गया। खड्ड किनारे खेतों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। सेब के छोटे पौधे बाढ़ के मलबे के साथ बह गए हैं। वहीं सड़क, लगौटी स्कूल के पास खड्ड में स्कूली बच्चों की सुविधा को लगाई दो पुलियां व एक दर्जन पैदल रास्ते भी बह गए हैं। स्थानीय पंचायत के प्रधान दौलत चौहान ने कहा कि फनौटी पंचायत में वीरवार को फिर से बादल फटा है। कहा कि बादल फटने के बाद आई बाढ़ ने रोहचाला से लेकर राणाबाग तक नुकसान पहुंचाया है। पहले से क्षतिग्रस्त रोहाचला-फनौटी-जुहड़ सड़क को और भी तहस नहस कर दिया है। घाटी के करीब एक दर्जन पैदल रास्तों को नामोनिशान मिट गया है। सड़क टूटने से बागवानों को पीठ पर उठाकर सेब की पेटियों को ढोना पड़ा है। अब मटर व आलू की फसल को मंडियों तक पहुंचाने की चिंता किसानों को सताने लगी है। इसे पहले 22 सितंबर को बादल फटने से किसान-बागवानों को भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने जिला प्रशासन व सरकार से नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसान-बागवानों को उचित मुआवजा देने की अपील की है। उन्होंने सड़क व पैदल रास्तों की भी मरम्मत करवाने की मांग की है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि कहा कि रघुपुर में हुए नुकसान की रिपोर्ट राजस्व विभाग से तलब की है। प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जाएगी।