कुल्लू। मंडियों में रॉयल सेब के दाम 50 फीसदी गिर गए हैं। बाहरी राज्यों की मंडियों में तीन दिन में रॉयल सेब के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। इससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जालंधर और पंचकूला सब्जी मंडी में बुधवार को रॉयल ए ग्रेड सेब 40 रुपये किलोग्राम और बी ग्रेड 25 रुपये किलोग्राम बिका है, जबकि इससे पहले रॉयल सेब 70 से 80 रुपये किलोग्राम के बीच में बिक रहा था।
जिले की स्थानीय सब्जी मंडी बंदरोल, भुंतर और नगवाईं में रोजाना सेब की खेप पहुंच रही है, जबकि मांग कम हुई है। कम दाम मिलने से फसल पर लागत का भी पूरी नहीं हो रही है। आढ़तियों की मानें तो मंडियों में सेब की मांग कम हो गई है, जबकि फसल अधिक मात्रा में पहुंच रही है। वहीं, सावन का महीना खत्म होने के कारण मांग कम रह गई है। बता दें कि सावन महीने में सेब समेत अन्य फलों की मांग ज्यादा रहती है।
बागवान ओम प्रकाश ने बताया कि मंगलवार शाम को जालंधर सब्जी मंडी में सेब बेचने के लिए गए थे, जहां पर बुधवार सुबह रॉयल सेब की 20 किलोग्राम की 170 पेटी बेचीं, लेकिन ए ग्रेड का 40 रुपये किलो और बी ग्रेड 25 किलो दाम मिला है। इससे भारी नुकसान हुआ है। वहीं, सुरेश कुमार, हेमराज, दिनेश कुमार, साहिल ठाकुर, आलम चंद, केहर सिंह, सोनम चंद व योगराज ने बताया कि पंचकूला सब्जी मंडी में सेब के दाम में भारी गिरावट आई है।
मंडी में भारी मात्रा में पहुंच रही खेप
जालंधर सब्जी मंडी में रॉयल सेब की खेप भारी मात्रा में पहुंच रही है। ज्यादातर हिमाचल का सेब शामिल है। सावन का महीना खत्म होते ही मांग भी कम हो गई है। इसलिए सेब के दाम में गिरावट आई है।
सोनम चंद, आढ़ती जालंधर सब्जी मंडी
जोरों में चला है सेब सीजन
जिले में सेब सीजन जोरों पर चला हुआ है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अब खत्म होने की ओर है। निचले क्षेत्रों में तुड़ान चल रहा है। स्थानीय सब्जी मंडियों में फसल का दाम कम है।
डॉ. बीएम चौहान, उपनिदेशक बागवानी विभाग कुल्लू