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Kullu News: कम लगे सेब.. फिर भी बगीचे में ही भर रही जेब

Sat, 15 Aug 2026 06:00 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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सेब को बगीचे में ही क्रेट के हिसाब से खरीद कर रहे व्यापारी। संवाद
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कुल्लू। सेब की कम पैदावार इस बार बागवानों के लिए घाटे के बीच राहत लेकर आई है। फसल कम होने के कारण सेब के दाम बगीचे में ही अच्छे मिल रहे हैं।
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व्यापारियों ने गांव-गांव पहुंचकर बागवानों से सेब खरीदना शुरू कर दिया है। बगीचों में ही सेब की प्रति क्रेट बोली लग रही है और कई जगह व्यापारी एक क्रेट के लिए 1,000 रुपये तक दे रहे हैं।
पिछले साल आपदा के कारण यही सेब बागवानों को 200 से 300 रुपये प्रति क्रेट तक बेचना पड़ा था। जिले में सामान्य तौर पर 90 से 95 लाख सेब पेटियों का उत्पादन होता है, लेकिन इस बार करीब 38 लाख पेटियों का ही लक्ष्य रखा गया है। यह सामान्य उत्पादन की तुलना में करीब 60 फीसदी कमी है।
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मौसम की मार से जिले की करीब 1,000 करोड़ रुपये की बागवानी प्रभावित हुई है। करीब 15 साल बाद कुल्लू में सेब का उत्पादन इतने निचले स्तर पर पहुंचने का अनुमान है।
बागवान भी इस बार फसल को बगीचे में ही बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं। व्यापारी अलग-अलग भाव पर बोली लगा रहे हैं, लेकिन अधिकांश जगह प्रति क्रेट के हिसाब से सेब की खरीद हो रही है। इससे बागवानों को सेब तुड़वाने, पैकिंग और मंडी तक पहुंचाने की अतिरिक्त प्रक्रिया से राहत मिल रही है।
बागवान भगवान दास, बेली राम, उगम राम, जगदीश ठाकुर, लाल चंद ठाकुर और पन्ना लाल ने बताया कि क्रेट के हिसाब से बगीचे में ही सेब बेचने से कई खर्च बच रहे हैं। पिछले साल आपदा के कारण उन्हें 200 से 300 रुपये प्रति क्रेट तक में सेब बेचना पड़ा था। इस बार मानसून सामान्य रहने से सेब को मंडियों तक पहुंचाने में भी ज्यादा दिक्कत नहीं आ रही है।
स्थानीय सेब व्यापारी गुड्डू राम ने बताया कि वह बागवानों से करीब 1,000 रुपये प्रति क्रेट के हिसाब से सेब खरीद रहे हैं। जिला बागवानी अधिकारी कुल्लू राज कुमार ने बताया कि 20 अगस्त के बाद जिले में सेब सीजन तेजी पकड़ेगा। इस बार उत्पादन काफी कम रहने का अनुमान है।
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क्रेट में बेचने से खर्च भी बचा
बगीचे में ही प्रति क्रेट के हिसाब से सेब बेचने से बागवानों को कार्टन खरीदने और पैकिंग का खर्च नहीं उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही तुड़ान और ढुलान का खर्च भी बच रहा है। बागवानों के अनुसार इससे उन्हें करीब 250 से 300 रुपये प्रति क्रेट तक का अतिरिक्त लाभ हो रहा है।
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