भूस्खलन से क्षति होने का डर, प्रशासन से नुकसान का आकलन करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली/सैंज (कुल्लू)। घाटी के बकशाहल में भूस्खलन से घरों को खतरा बढ़ता जा रहा है। अब भूस्खलन से एक और मकान का वजूद खतरे में पड़ गया है। स्थानीय निवासी दोत राम के मकान के आगे बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। इससे मकान को क्षति होने का खतरा बना हुआ है।
इससे पहले सैंज वैली विकास समिति के अध्यक्ष बुधराम के घर पर मलबा गिरना शुरू हुआ है। यह रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब उनके घर के पीछे हो रहे भूस्खलन से दोत राम के मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। बुधराम और दोत राम ने कहा कि यदि बारिश ऐसे ही जारी रही और भूस्खलन का दौर भी यूं ही बना रहा तो मकान क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। बुधराम के घर पर काफी मात्रा में मलबा और पत्थर गिर चुके हैं जबकि दोत राम के मकान के आगे दरारें आ चुकी हैं। मकान पूरी तरह से खतरे में पड़ गया है। ऐसे में उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया जाए और भूस्खलन को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं जिससे उनके घर सुरक्षित बच सकें।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की निकासी नालियां भी उचित नहीं बनी हैं। बारिश का पानी सड़क पर बह रहा है। यह नुकसान का कारण बनता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द निकासी नालियों को ठीक किया जाए। उन्होंने बताया कि बकशाहल में तीन-चार दिनों से भूस्खलन हो रहा है लेकिन अभी तक प्रशासन से कोई भी नुकसान का आकलन करने नहीं पहुंचा है। लोग काफी परेशान हैं। लोगों की फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रशासन को समय रहते अपनी टीम के माध्यम से इसका आंकलन करना चाहिए और लोगों को राहत प्रदान करनी चाहिए।