जिले में विभाग ने शुरू किया काम, अब तक 89 लावारिस कुत्तों की नसबंदी
कुल्लू में लगातार बढ़ रही लावारिस कुत्तों की संख्या को देखते हुए लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में लावारिस पशुओं की जन्म संख्या को नियंत्रित करने को लेकर पशु पालन विभाग ने विशेष अभियान चलाया है। विभाग ने लावारिस कुत्तों की नसबंदी करने की योजना बनाई है। इसको लेकर कार्य शुरू कर दिया है।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार पशु जन्म नियंत्रण (एनिमल बर्थ कंट्रोल) के तहत जिले में 400 लावारिस कुत्तों की नसबंदी करने की योजना है। इनमें अब तक 89 कुत्तों की नसबंदी करवा दी गई है। वर्तमान में शहर और गलियों में घूम रहे ये कुत्ते लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। ठंड के मौसम में भी लावारिस कुत्तों को कोई आश्रय नहीं है। इस समस्या को हल करने के लिए विभाग प्रयास कर रहा है। लिहाजा, इन दिनों जिले में यह अभियान शुरू कर दिया गया है। विभाग के कर्मचारी और डॉक्टर इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
मौहल में हो रही नसबंदी
पशु पालन विभाग लावारिस कुत्तों की नसबंदी मौहल स्थित पशु औषधालय में कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यहां कोई भी व्यक्ति कुत्तों को ला सकता है। कोई भी संस्था या व्यक्ति विशेष इस कार्य में विभाग का सहयोग कर सकता है।
समस्या बने लावारिस कुत्ते
गौरतलब है कि कुल्लू शहर सहित, पतलीकूहल, मनाली, भुंतर, मणिकर्ण, बंजार, आनी, निरमंड सहित तमाम शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लावारिस कुत्ते लोगों के लिए समस्या बन गए हैं। ये कुत्ते भी भूखे प्यासे भटकने को मजबूर हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए जन्म संख्या नियंत्रण कार्यक्रम चलाया है। नगर निकायों को इन बेसहारा कुत्तों को आश्रय में रखने के लिए न्यायालय की ओर से भी आदेश दिए गए हैं।
पशु जन्म संख्या नियंत्रण (एबीसी) के तहत विभाग लावारिस कुत्तों की नसबंदी कर रहा है। विभाग ने जिले में 400 कुत्तों की नसबंदी करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य के तहत अब तक 89 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। आने वाले समय में यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। - रवि ठाकुर, उप निदेशक पशु पालन विभाग कुल्लू