कुल्लू में प्लम की पैकिंग करते हुए।
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कुल्लू/खराहल। कुल्लू की सब्जी मंडियों में मैरीपोजा प्लम ने सेब और नाशपाती को पछाड़ दिया है। खट्टा-मीठे प्लम के दाम उम्दा मिलने से बागवानों गदगद हैं। कोविड-19 के दौरान मंदी का दौर है। लेकिन मैरीपोजा के दाम अच्छे मिल रहे हें। इसने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बंदरोल सब्जी मंडी में मैरीपोजा प्लम 145 रुपये प्रति किलो बिका।
बेहतर दाम मिलने से बागवान की आर्थिकी मजबूत होगी। मंडियों में मोल भाव में हुई बोली में मैरीपोजा ने सेब, नाशपाती और अन्य फलों को पछाड़ दिया है। जिला कुल्लू में प्लम की ग्यारह हजार हेक्टेयर में पैदावार हो रही है। घाटी के बागवान अमित ठाकुर, अमल, चमन राजेश, देवी सिंह, सुनू राम ठाकुर आदि का कहना है कि मैरीपोजा के उम्दा दाम मिल रहे हैं। लेकिन अब इस का सीजन अंतिम दौर में चल रहा है। स्थानीय मंडियों में नाशपाती 85 रुपये किलो तक बिक रही है। मैरीपोजा ने सौ का आंकड़ा भी पार कर दिया है। मैरीपोजा और नाशपाती खरीदने के लिए बाहर से आए व्यापारियों में मुकाबला दिखा। ऐसे में बागवानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं। हालांकि मैरीपोजा उत्पादन अभी कुल्लू जिला में कम बागवान ही कर रहे है। बताया जाता है कि अधिक बारिश के कारण इस फल में फटने की समस्या भी आ जाती है। लिहाजा बागवान इसकी पैदावार कम ही कर रहे हैं। उधर, बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने बताया कि मैरीपोजा 145 रुपये तक बिका है। फलोत्पादक मंडल कुल्लू के अध्यक्ष के अनुसार मैरीपोजा पांच सितारा होटलों में सलाद के तौर पर परोसा जाता है।