न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी के आराध्य देवता कशु नारायण बनाउगी का मोहरा सोमवार को तुंग से वापस देवालय लाया जाएगा। यहां मोहरे को देव विधि के अनुसार रथ में स्थापित किया जाएगा। उसके बाद देवता आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन देंगे। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और सोमवार को इस परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।
दरअसल दो महीने पहले देवता के मोहरे को क्षेत्र के तुंग गांव ले जाया गया था। दो महीने पूरा होने के बाद अब सोमवार को देवता के गूर और एक बजंतरी की ओर से मोहरे को एक विशेष रास्ते से होकर बनाउगी गांव के एक छोर तक लाया जाएगा। यहां से मोहरे को पूरे सम्मान के साथ वाद्य यंत्रों की थाप पर मंदिर लाया जाएगा और यहां मोहरे को स्थापित किया जाएगा।
मंगलवार को एक बड़ा देव समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। देवता इस दौरान आम श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। इस दौरान श्रद्धालु देवता के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इस देव परंपरा को निभाने में विशेष खानदान के लोग ठाकुर दत्त, लक्ष्मण सिंह, भगीरथ, मोहर सिंह, पृथ्वी, राम लाल अहम भूमिका निभाएंगे।