गलती से एक बार भी चिट्टा लिया तो फंस जाएंगे चंगुल में, फिर निकलना मुश्किल : मदन
एसपी मदन लाल बोले- अगर कोई चिट़्टा ऑफर करे तो 112 नंबर पर दें सूचना
नालंदा नेक्स्टजेन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाया यातायात नियमों का पाठ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। गलती से भी चिट्टा एक बार लिया तो इसके चंगुल में फंस जाएंगे। फिर इससे निकलना मुश्किल है। वर्तमान में चिट्टा चुनौती बन गया है। अगर कोई चिट्टा ऑफर कर रहा है तो इसकी सूचना पुलिस को 112 नंबर पर दें।
यह बात बुधवार को पुलिस अधीक्षक कुल्लू मदन लाल कौशल ने नालंदा नेक्स्टजेन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन के पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में कही।
उन्होंने विद्यार्थियों को नशा, ट्रैफिक नियमों और साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जिले में बजौरा से मनाली तक कई लोग चिट्टा बेचने में संलिप्त हैं। स्कूलों में पढ़ने वाले कुछ विद्यार्थी भी इसकी चपेट में आए हैं। नशे को जड़ से खत्म करने के लिए जन जागरूकता जरूरी है।
पुलिस के साथ सभी को मिलकर सहयोग करना होगा। जीवन में अनुशासन जरूरी है। इससे सफलता जरूर मिलती है। अकसर कम उम्र के युवा बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते हैं। इससे न केबल वे अपनी जान को खतरे में डालते हैं, बल्कि दूसरों को भी खतरे में डालते हैं। यातायात नियमों का पालन करें। साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया पर किसी तरह की जानकारी साझा न करें।
नालंदा नेक्स्टजेन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निदेशक निरंजन देव शर्मा ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन का प्रयास सराहनीय है। जिले के पुलिस अधिकारी युवाओं से आकर विभिन्न विषयों को लेकर संवाद करते हैं तो इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
पुलिस की पाठशाला का अनुभव बेहद शानदार रहा। पहली बार एसपी मदन लाल कौशल संस्थान में आए। उन्होंने नशा खासकर चिट्टा से दूर रहने को कहा। युवा किस कद्र चिट्टा से बर्बाद हो रहे हैं, इसकी जानकारी मिली। - शिवांश, जमा एक
सभी को संकल्प करना चाहिए कि जब तक हमारी उम्र 18 साल की नहीं होती, तब तक हमें वाहन नहीं चलाने चाहिए। वाहन चलाने के लिए लाइसेंस भी होना जरूरी है। इससे भी ज्यादा जरूरी है कि उस वाहन को चलाना सीखें। - रिजुल कक्षा, जमा एक
सभी को संकल्प लेना चाहिए कि नशे से दूर रहेंगे और आसपास किसी को भी नशा करने नहीं देंगे। यह हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। नशे को जड़ से मिटाने में सामाजिक सहभागिता होगी तो युवा पीढ़ी को बचाया जा सकता है। - शुभांगी, जमा एक
अमर उजाला फाउंडेशन का प्रयास सराहनीय है। कार्यक्रम के माध्यम से नशा, साइबर क्राइम, यातायात नियमों के संबंध में जानकारी मिली। ऐसे कार्यक्रम अधिक से अधिक स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में होने चाहिए। - लेकिशा, जमा एक