कुल्लूू। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने छात्र संघ चुनाव बहाल न करने और फीस वृद्धि को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विद्यार्थी परिषद ने निजी स्कूलों में आरटीई की अनुपालना न होने के लिए भी प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक रूप सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार के तहत 25 फीसदी गरीब बच्चों का दाखिला अनिवार्य है लेकिन कोई भी निजी स्कूल प्रबंधक आरटीई का पालन नहीं कर रहे हैं।
प्रदेश में 140 स्कूल ऐसे हैं जिनकी कक्षाएं एक-दो कमरों में ही चल रही हैं। भवन की कमी के चलते शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। जबकि, चार कॉलेज ऐसे भी हैं जिनकी कक्षाएं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में लग रही हैं। विद्यार्थी परिषद ने कई बार प्रदेश सरकार से छात्र संघ चुनाव बहाली के लिए आग्रह किया लेकिन सरकार छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं कर रही है। इसके पीछे सरकार की मंशा साफ है। सरकार छात्रों को उनके अधिकार नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि के निर्णय को वापस लिया जाए। गत दिनों हमीरपुर में हुई प्रांत कार्यकारिणी की बैठक में आगामी रणनीति तय की गई है जिसके तहत विद्यार्थी परिषद छात्र हित की मांगों को लेकर हर कॉलेज में आंदोलन करेगी। शुक्रवार को इकाई स्तर पर पर्चा वितरण एवं प्राचार्य के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। 10 और 11 फरवरी को प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। 12 को इकाई स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। 14 को जिला केंद्रों पर धरना एवं उपायुक्त के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा जाएगा। 17 और 18 फरवरी को महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय में सांकेतिक भूख हड़ताल के साथ 20 फरवरी को कक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के कुल्लू इकाई अध्यक्ष राहुल विष्ट, इकाई सचिव विशाल पठानिया, इकाई छात्रा प्रमुख दीप्ति ठाकुर आदि मौजूद रहे।