कुल्लू में सड़कें खस्ताहाल, जिले में चिह्नित किए गए 30 से अधिक ब्लैक स्पॉट
एनएच-305 से लेकर मणिकर्ण, पतलीकूहल और बिजली महादेव सड़क खस्ताहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दो साल पहले आई आपदा की मार से उबरने से पहले ही कुल्लू की सड़कें फिर खतरे की जद में आ गई हैं।
नेशनल हाईवे-305 से लेकर मणिकर्ण, पतलीकूहल और बिजली महादेव मार्ग तक सड़कें भूस्खलन के चलते ब्लैक स्पॉट बन चुकी हैं। आपदा की चोट के बाद खस्ताहाल हो चुकीं सड़कों पर मौत का जाल फैला है। कुल्लू में अब 30 से अधिक ऐसे खतरनाक स्थान हैं जिन्हें प्रशासन ने अभी तक दुरुस्त नहीं किया है। साल 2019 में हुए दर्दनाक बस हादसे में 44 लोगों ने जान गंवाई थी। अब लोग सरकार और विभागों से सड़क सुरक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। नेशनल हाईवे-305 पर औट से लुहरी तक करीब 50 से अधिक जगहों पर भूस्खलन हुआ है। भुंतर-मणिकर्ण सड़क भी क्षतिग्रस्त है। 20 पंचायतों को जोड़ने वाली सड़क में अभी तक डंगे आदि नहीं लग पाए हैं। लगघाटी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। बिजली महादेव सड़क में ठेला के पास ब्लैक स्पॉट बना हुआ है।
कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे पतलीकूहल से मनाली के बीच बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुआ है। अब इसमें वाहन दौड़ रहे हैं। एनएचएआई ने टकोली से कुल्लू के बीच दो जगह ब्लैक स्पॉट, कुल्लू से मनाली के बीच बबेली, डोभी सहित तीन स्थानों पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि ब्लैक स्पॉट अभी सुधर नहीं पाए हैं। सरसाड़ी का ब्लैक स्पॉट लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गौर रहे कि प्रशासन की ओर से एनएचएआई, बीआरओ, पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जिले की सड़कों में ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कहा कि किसी तरह का हादसा न हो, इसके लिए राष्ट्रीय मार्गों और संपर्क सड़कों में ब्लैक स्पॉट पर चेतावनी बोर्ड स्थापित करने को कहा गया है।
वर्ष 2023 की आपदा के बाद सड़कों की हालत अभी सुधर नहीं पाई थी कि 2025 की आपदा ने सड़काें को ब्लैक स्पॉट में बदल दिया है। जरा सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है। सरकार और लोक निर्माण विभाग ब्लैक स्पॉट को जल्द दुरुस्त करें। - भागचंद, सैंज, कुल्लू
सड़कों में ब्लैक स्पॉट के चलते जिले में कई हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2019 में बस हादसे को अभी तक लोग नहीं भूल पाए हैं। इसमें 44 लोगों की मौत हो गई थी। ऐसी घटनाएं फिर न हों, इसलिए सड़कों की दशा सुधारने के लिए जल्द बजट जारी किया जाए। - बुद्धि सिंह, कुल्लू