भुंतर (कुल्लू)। बौद्ध धर्म के डरुग्पा करग्यू वंश के 9वें क्यावजे छोईगुन रिंपोछे थोटूप छोकिये वांगचुक की दीर्घायु के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। इसे भोटी भाषा में तेनशुल कहा जाता है। भुंतर के समीप शाढ़ाबाई बौद्ध मठ में इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन डक देचेन छोयकोर महावीरा कमेटी की ओर से किया गया है। रिंपोछे अपने 49वें साल में प्रवेश करने जा रहे हैं। बौद्ध धर्म के मुताबिक इस आयु में महादीर्घायुभिषेक का आयोजन किया जाना बेहद जरूरी है। बुधवार से इस चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ हो गया है, जो 31 अक्तूबर तक जारी रहेगा। अंतिम दिन महा दीर्घायु के लिए बौद्धभिक्षु एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन करेंगे। इस धार्मिक अुनष्ठान के दौरान महामहिम ग्यलवा धोखंपा, नेयडोन शेडूप नियमा रिपोंछे और महामहिम डवांग दोरजाेंग रिपोछे प्रवचन देंगे। अनुष्ठान में शिरकत करने के लिए कुल्लू के अलावा अन्य जिलों से भी बौद्ध धर्म के अनुयायी शाढ़ाबाई मठ पहुंच रहे हैं।