कुल्लू। अलविदा-2012 और 2013 का आगाज जिला के तीन परिवारों को जिंदगी भर के लिए यादगार बन गया है। थर्टी फर्स्ट मनाने की तीनों परिवारों ने बड़ी उम्मीद रखी थी, लेकिन आग के तांडव ने उनके जश्न के साथ नए साल को लेकर देखे सपने भी धूमिल हो गए। खुशियां भरे लम्हों के इंतजार में इन परिवारों को आग की घटना गहरे दुख दे गई। पल भर में जिंदगी की जमा पूंजी भी राख के ढेर में तबदील हो गई। बीते साल 2012 में जिला कुल्लू में आगजनी की 80 घटनाएं घटी हैं, जिसमें तीन व्यक्तियों की मौत केे साथ-साथ 3,82,49,200 रुपये की संपत्ति की क्षति हुई है। ताजा घटनाक्रम में 31 दिसंबर के दिन जिला मुख्यालय कुल्लू से करीब 15 किलोमीटर दूर डोभी में दो अग्निकांडों में तीन परिवारों को सर्दी के इस मौसम में खुले आसमान के नीचे सोने के लिए मजबूर कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आग ऐसी भड़की कि देखते ही देखते काष्ठकुणी शैली से बने दो मकानों के आठ कमरे राख के ढेर में बदल गए। अग्निशमन विभाग के मुताबिक आगजनी की पहली वारदात में विशन दास और धनी राम का काष्ठकुणी शैली का मकान जलकर राख हो गया है। इसमें जहां दोनों भाइयों के परिवार खुले आसमान में आ गए, वहीं जमा पूंजी भी राख हो गई है। दूसरी आगजनी घटना डोभी के ही शलहड़ी गांव में पेश आई। इसमें प्रेम लाल का काष्ठकुणी शैली का मकान आग की भेंट चढ़ गया। इस घटना मेें तीन लाख रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। 2012 में हुई आगजनी की घटनाओं में हुए पौने चार करोड़ के नुकसान के मुकाबले दमकल विभाग ने करीब 12 करोड़ की संपत्ति को बचाया है।
इस संबंध में अग्निशमन विभाग कुल्लू के प्रभारी सेस राम ने बताया कि इस बार पिछले दो तीन वर्षों के मुकाबले आगजनी की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने बताया कि जिला में आगजनी की घटनाएं 80 का आंकड़ा छू गई हैं।