कुल्लू। देसी-विदेशी सैलानियों का कुल्लू-मनाली की वादियों में पहुंचना शुरू होने से साहसिक पर्यटन व्यवसाय भी चमक उठा है। कमाई के चक्कर में कुछ लोग कायदे-कानून भी तोड़ रहे हैं। रिवर राफ्टिंग में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। हुआ यूं कि राफ्ट संचालक ने क्षमता से अधिक सैलानी बैठाकर राफ्टिंग करवाई, लेकिन राफ्ट बीच मझधार में फंस गई। ऐसे में सैलानी बाल-बाल बच गए। हालांकि, सभी सैलानियों को राफ्ट सहित सुरक्षित निकाल लिया गया, मगर राफ्ट संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने समन जारी कर उसे एसडीएम आफिस मनाली तलब कर दिया है।
राफ्टिंग करवाते वक्त नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर दुर्घटना भी घट सकती है। नियमानुसार राफ्टिंग सूर्य उदय से पहले और सूर्य अस्त होने के बाद नहीं की जा सकती। राफ्टिंग में एक गाइड समेत आठ सवारियां नहीं बैठाई जा सकती। 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को राफ्टिंग करवाना भी कानूनन अपराध है। लेकिन, तीन दिन पहले एक राफ्ट संचालक 11 सैलानियों को राफ्ट पर बैठाकर व्यास की लहरों में निकल गया। माउंटनेरिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक कैप्टन रणधीर सिंह सलहूरिया ने उसे मौके पर पकड़ते हुए कार्रवाई भी की। कैप्टन सलहूरिया के मुताबिक राफ्ट में न तो सुरक्षा के प्रबंध थे और न ही गाइड के पास कोई लाइसेंस। उस पर राफ्ट में 11 सैलानी बैठाए हुए थे। उन्होंने कार्रवाई करते हुए पर्यटन विभाग और एसडीएम मनाली को अवगत करवा दिया है।
एसडीएम मनाली एवं जिला पर्यटन अधिकारी बलवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि मझधार में फंसी राफ्टिंग से हालांकि किसी को चोटें नहीं आई, लेकिन नियम तोड़ने पर राफ्ट संचालक पर कार्रवाई की गई है। समन जारी करते हुए उसे तलब किया गया है। उसके बाद कानून संवत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।