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क्रेटवाल लगाने का वादा करने वालों को देंगे वोट

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ज्वाणी राेेपा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
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कुल्लू/खराहल। जिला मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर ज्वाणी रोपा में क्रेटवाल न लगने से लोगों में काफी रोष है। सितंबर माह में ब्यास नदी में भयंकर बाढ़ के कारण नदी का रुख ज्वाणी रोपा की ओर होने से यहां के लोगों को खतरा मंडरा रहा है। यहां बसे सैकड़ों लोगों को आने वाले बरसात के मौसम में बाढ़ का खौफ अभी से सता रहा है।
लोगों ने सरकार व प्रशासन से गुहार लगाई है कि यहां पर क्रेटवाल का निर्माण किया जाए।
   आधा साल गुजरने के बाद भी इस ओर कोई गंभीरता से कदम नहीं उठाए है। अब यह लोकसभा के चुनाव में लोगों ने मुद्दा बना लिया। लोग चुनाव लड़ रहे राजनीतिक दलों से दो टूक कह रहे है कि पहले क्रेटवाल लगाने का पक्का वादा करो, फिर वोट देंगे। लोग चर्चा कर रहे हैं कि सुरक्षा की दृष्टि से इस स्थान पर क्रेटवाल लगाने का वादा करें, अन्यथा लोग चुनाव में बहिष्कार करने के बारे में भी मन बना रहे हैं। इस पर भी चर्चा का दौर जारी है। कुल्लू जिला में सितंबर 2018 को ब्यास नदी में बाढ़ आने से ब्यास नदी के पानी का सारा रुख ज्वाणी रोपा की ओर आ गया है। ऐसे में यहां पर बसे ग्रामीणों, कारोबारियों तथा दुकानदारों को भविष्य में बाढ़ आने का खतरा सता रहा है। बाढ़ से हुई तबाही के लिए सरकार की ओर से बजट का विशेष प्रावधान हुआ है। लेकिन अभी तक क्षेत्र में क्रेटवाल न लगाने से लोग काफी क्षुब्ध है। चमन ठाकुर, भाग चंद किशन, आरएस भंडारी, अनिल सूद, सुदेश कुमारी, एसी ठाकुर, गौतम भंडारी, पूर्व पंच जय चंद ठाकुर, अनूप राम, राम नाथ, सतीश ठाकुर, अशोक ठाकुर और रविंद्र शर्मा आदि ने कहा कि क्रेटवाल का निर्माण न होने से इलाके में भविष्य में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि नेता वोट मांगने आते हैं। लेकिन इस समस्या के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे है। ऐसे में लोगों ने चुनाव में इसका जवाब देने का मन मना लिया है।
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नदी का रुख बदला
बुद्धि प्रकाश शर्मा कहते है कि ज्वाणी रोपा क्षेत्र की ओर ब्यास नदी का रुख बदलने से बरसात में फिर खतरा हो सकता है। यहां पर बने मकान और दुकानों की सुरक्षा के लिए क्रेटवाल का निर्माण नदी के किनारे होना चाहिए।

समय पर लगे क्रेटवाल
स्थानीय निवासी नवीन भंडारी ने कहा कि समय रहते यहां पर क्रेटवाल लगाने का कार्य नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में ब्यास दोबारा तबाही मचा सकती है। ऐसे में जानमाल का भी नुकसान हो सकता है।

छह माह से नहीं ली सुध
स्थानीय निवासी निर्मला ठाकुर ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान को आधा साल बीत गया। लेकिन सरकार व प्रशासन ने क्रेटवाल का निर्माण नहीं किया है। यह लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ है। लोगों को बरसात में पानी बढ़ने से खतरा होगा।

मंत्री कोट्स

तटीकरण पर 585 करोड़ होंगे खर्च
वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि ब्यास नदी के तटीकरण के लिए 585 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना मंजूर हुई है। इस परियोजना के तहत पलचान से औट तक ब्यास का तटीकरण कार्य होगा। क्रेटवाल लगाने के लिए प्रशासन व संबंधित विभाग को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे और चुनाव के बाद कार्य करने का प्रयास किया जाएगा।
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सरकार गंभीरता से नहीं कर रही पहल
सदर के विधायक सुंदर ठाकुर ने कहा कि सरकार इस ओर गंभीरता से पहल नहीं कर रही है। महज कागजों में ही परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। धरातल पर कार्य शून्य है। फौरी तौर पर यहां सरकार और प्रशासन को क्रेटवाल का निर्माण करना अति आवश्यक है। विधायक प्राथमिकता में काम को महत्व देंगे।
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