अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू में भगवान भोलेनाथ को समर्पित शिवरात्रि उत्सव को परंपरा के तहत मनाया गया। प्रदेश में विख्यात जिला कुल्लू के बाह्य सराज की शिवरात्रि में लोगों ने रातभर शिव की आराधना की। पूरी बाह्य सराज घाटी में उत्सव की धूम रही और भोले बाबा के भक्त रातभर जती और नटाउक गाकर झूमते रहे। मंगलवार तड़के शिव नाम की विशेष माला (सैंई) को विसर्जन कर विदाई दी गई।
ढोल-नगाड़ों की थाप पर शिवरात्रि का जश्न दूसरे दिन मंगलवर दोपहर तक जारी रहा और बाह्य सराज की रघुपुर घाटी देवमय रही। सोमवार रात शिवरात्रि मनाने के लिए ग्रामीण टोलियों में गांव के घर-घर गए और मंगलवार दिन को खुले में नाटी डालकर खूब मनोरंजन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने शिवरात्रि के लिए की गई खूब तैयारियों के बीच पारंपरिक व्यंजनों को भी परोसा गया। करशैईगाड़ के बनाला, बालू, लोट, फनौटी, कोट, करशाला, सुहल, जुहड़, खनाग, बलेहड़, पकरेड़, खडोरन, कोठी के अलावा शिल्ही-जांचा और कुंगश कराना तक उत्सव को धूमधाम से मनाया गया। उधर, देवता खुडीजल के देवालय में भी उत्सव को देवपरंपरा के तहत मनाया है। रमेश चंद, बालक राम, बेली राम, सुनील कुमार, कुमार सिंह, ओम प्रकाश, हंस राज, पिंकू राम, केवल राम, गोविंद सिंह ने कहा कि ठंड के बावजूद लोगों ने महाशिवरात्रि पर्व का आयोजन परंपरा के तहत किया है। कहा कि पूरी घाटी ढोल-नगाड़ों और शिवरात्रि गीत जती तथा नटाउक से देवमय हो गई।