जीवन रेखा से नहीं जुड़ सके 500 लोग
पढ़ारनी गांव में सड़क न होने से कई किमी पैदल चलने को मजबूर लोग
ग्रामीणों ने विधायक से मिलकर रखी समस्या, समाधान की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार के तहत पढ़ारनी गांव आजादी के बाद आज तक सड़क सुविधा से वंचित है। ऐेसे में लोगों को सामान अपने घरों तक पीठ पर उठाकर पहुंचाना पड़ता है। बीमार या आपातकाल स्थिति में लोगों को कुर्सी या पालकी में 10 किलोमीटर दूर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। कई बार तो मरीज आधे रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
सड़क सुविधा से गांव को जोड़ने के लिए ग्रामीणों ने विधायक से गुहार लगाई है। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक सुरेंद्र शौरी से मिला। स्थानीय निवासी ज्ञान चंद, कमल सिंह, बली राम, दया राम, दिवान चंद, केशव राम ने कहा कि गांव की करीब 500 आबादी है। सड़क के अभाव में लोगों को पैदल ही सफर करना पड़ता है। अधिकतर लोग आजीविका के लिए खेतीबाड़ी पर ही निर्भर हैं। किसानों व बागवानों को अपने उत्पादों को पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। कई बार समय पर फसलें मंडियों में न पहुंचने से पहले ही बरबाद हो जाती है। इससे गांव के किसानों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है। कोटला पंचायत की प्रधान ममता देवी ने कहा कि पढ़ारनी गांव को सड़क से जोड़ने को लेकर आज तक महज आश्वासन ही मिले हैं। सड़क के अभाव गांव अन्य क्षेत्रों से पिछड़ गया है। उन्होंने कहा कि विधायक ने इस मामले में जल्द ही कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। विधायक ने सड़क के लिए उचित राशि स्वीकृत करने के साथ जल्द ही कार्य शुरू करने की बात भी कही है।
सड़क को देंगे पांच लाख : सुरेंद्र
बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि पढ़ारनी गांव सड़क सुविधा से महरूम है। ऐसे में इस सड़क का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। संबधित सड़क निर्माण के लिए फिलहाल पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर सड़क के लिए और राशि का प्रावधान भी किया जाएगा।