अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू में बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। मणिकर्ण घाटी के पुलगा नाले का जल स्तर बढ़ने से एक पैदल पुल बह जाने से कई गांवों को संपर्क आपस में कट गया है। घाटी में हुई भारी बारिश से ब्यास के साथ सरवरी खड्ड, पार्वती नदी, तीर्थन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। उफनती सरवरी नदी में एक मछुआरा एक घंटे तक फंसा रहा। उसे दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत से बचाया।
मौसम के रुख को दखते हुए जिला प्रशासन ने दो दिन पहले ही लगघाटी में भी बारिश होने से जनजीवन पटरी से उतर गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय के साथ बहने वाली सरवरी खड्ड का जलस्तर एकाएक बढ़ गया है। उधर, भारी बारिश से जिला में जगह-जगह हो रहे भूस्खलन व दलदल होने से 15 से अधिक मार्ग प्रभावित हो गए हैं। साथ ही इनमें कई वाहन भी फंस गए हैं। इसके अलावा निगम ने करीब डेढ़ सप्ताह बाद मलाणा में फंसी बस को निकाला है। लेकिन मंगलवार को भारी बारिश के चलते मलाणा, करशाला, रोहाचला, घुहाटन, पखेड़ी, शरची, शजवाड, तांदी, बंजार-छतरी, माशना, शंगचन आदि बस रूट प्रभावित हो गए हैं। उक्त मार्गों में आधे रास्ते तक ही बसों की भेजा है। बस रूटों के प्रभावित होने से कई लोगों को पांच किमी तक पैदल सफर करना पड़ा। उपायुक्त कुल्लू का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे एडीएम कुल्लू अक्षय सूद ने कहा कि जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। बरसात के मौसम में एहतियातन लोगों व सैलानियों को नदी-नालों के साथ संवेदनशील जगहों पर न जाने को कहा है।
आधे घंटे के रेस्क्यू के बाद निकाला मछुआरा
हनुमानीबाग के पास मंगलवार सुबह एक मछुआरा मछली पकड़ने के लिए सरवरी खड्ड में उतर गया। इस दौरान वह मछली पकड़ने में व्यस्त रहा और खड्ड का जलस्तर एकदम बढ़ गया। खड्ड में खुद को फंसता देख मछुआरे ने अग्निशमन विभाग को फोन कर मदद मांगी। मौके पर पहुंचे विभाग को मछुआरे को रेस्क्यू करने में आधा घंटे का समय लग गया। अग्निशमन विभाग अधिकारी कुल्लू दुर्गा सिंह ने कहा कि सरवरी का खड्ड का जलस्तर पूरे उफान पर था। ओम प्रकाश (45) निवासी सरवरी को निकालने में विभाग को आधा घंटे का समय लग गया।