बर्फबारी के बीच जलोड़ी दर्रा को पैदल पार करते लोग।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/कोकसर। पिछले दो दिन से कुल्लू और लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से पारा लुढ़क गया है। बारिश से कुल्लू और लाहौल में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लाहौल में ताजा बर्फबारी से एक दर्जन संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। जबकि कुल्लू में वाया जलोड़ी तथा एक अन्य रूट पर भी हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा ठप पड़ी है। 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा में 30 सेंटीमीटर, कोकसर में 15, दारचा में 15, सिस्सू में 12, केलांग में 10, उदयपुर में पांच, मढ़ी में 20, जबकि सोलंगनाला में 15 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई है। 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा में अब तक 75 सेंटीमीटर और कोकसर में 40 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हो चुकी है। बीआरओ का मिशन स्नो क्लीयरेंस अभियान भी बर्फबारी से रुक गया है। हिमपात के चलते चंद्रा घाटी के तमाम संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जलोड़ी दर्रा होकर जाने वाली कुल्लू-रामपुर बस बर्फबारी से दर्रा बंद होने के कारण नहीं जा सकी। इसके अलावा छाछगलू रूट पर भी बस सेवा ठप है। बारिश से कुल्लू और लाहौल में जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ है। लाहौल में लोनिवि के सुपरवाइजर सुरेश ने कहा कि बर्फबारी से पहले चंद्रा घाटी के 12 मार्गों से बर्फ हटाकर यातायात बहाल कर दिया था लेकिन दो दिन से लगातार बर्फबारी के कारण सभी मार्ग फिर से अवरुद्ध हो गए हैं। मौसम खुलने के बाद सभी बंद मार्गों को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।