अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। सड़क, टेलीफोन और हेलीकॉप्टर सेवा को लेकर लाहौल-स्पीति कांग्रेस ने मंगलवार को केलांग में विरोध रैली निकाली। इस दौरान प्रशासन और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त के माध्यम से चुनाव आयोग को ज्ञापन प्रेषित किया।
सड़कें बंद होने के बावजूद रैली में भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्यालसन ठाकुर ने कहा कि लाहौल घाटी की चंद्रा, तोद, पट्टन और मयाड़ घाटी में पिछले ढाई महीनों से टेलीफोन सेवा ठप है। घाटी के 50 फीसदी गांव अभी भी अंधेरे में हैं। सड़कें बंद होने से जनजातीय लोग मार्च महीने में भी अपने घरों में कैद हैं। ग्यालसन ने कहा कि वर्तमान भाजपा सांसद ने जनजातीय लोगों को पांच सालों तक ठगा है। कांग्रेस प्रवक्ता अनिल सहगल ने कहा कि स्थानीय विधायक और कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा जनजातीय लोगों की मूलभूत समस्याओं को निपटाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।
कहा कि हेलीकॉप्टर की नियमित उड़ानें नहीं होने से मरीजों और कर्मचारियों को अपने खर्चे पर निजी चौपर की मदद लेनी पड़ रही है। सहगल ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए रामलाल मारकंडा कांग्रेस पर लगातार प्रहार करते रहे हैं। लेकिन आज केबिनेट मंत्री बन कर खुद जनता की समस्याओं को भूल कर सत्ता सुख लेने में व्यस्त है। महीनों से कृषि मंत्री का लाहौल-स्पीति की जनता की समस्याओं को लेकर एक बयान तक जारी नहीं हुआ है। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि किरण ने कहा कि चुनावी साल में जनता का यह हाल है तो चुनाव जीतने के बाद क्या होगा, इसका जनता को एहसास हो गया है। किरण ने कहा कि पिछले कई महीनों से जनजातीय लोग बिना मूलभूत सुविधाओं के बर्फ के बीच जिंदगी से जूझ रहे हैं। लेकिन कृषि मंत्री और सांसद रामस्वरूप ने लोगों का हालचाल जानना तक उचित नहीं समझा। कांग्रेस ने ऐसे हालात में चुनाव आयोग से मांग की है कि लाहौल के 70 फीसदी वोटर घाटी से बाहर है, उन्हें रोहतांग टनल होकर पैदल आवाजाही की इजाजत दी जाए। ज्ञापन में कांग्रेस ने अल्टीमेटम दिया है कि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन करने को मजबूर होगी। रैली में पीसीसी के पूर्व सचिव नोरबू बोध, पमा राम, केलांग ब्लॉक अध्यक्ष नोरबू पांस समेत कई पंचायतों के प्रधान और उप प्रधान मौजूद रहे।