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बस किराया बढ़ाने के बजाय पेट्रोल की कीमतें कम करे सरकार

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अमर उजाला ब्यूरो
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बंजार (कुल्लू। सरकार की ओर से बस किराये में की गई वृद्धि से लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि बस किराया बढ़ाने के बजाय सरकार को पेट्रोले-डीजल की कीमतों में कमी करने की जरूरत है। इसके अलावा घाटी के लोग न्यूनतम किराया छह रुपये करने का विरोध कर रहे हैं। कहा कि न्यूनतम किराया कम किया जाए।

फैसला वापस ले सरकार
बंजार निवासी ठाकुर चंद महंत का कहना कि प्रदेश सरकार किराया बढ़ोतरी का फैसला वापस ले। डीजल-पेट्रोल के दामों में अगर सरकार कटौती करेगी तो किराया बढ़ाने की नौबत नहीं आएगी।
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न्यूनतम किराया कम करे
मोती राम का कहना है कि बस किराया दोगुना बढ़ाना सरासर गलत है। महंगाई को देखते हुए किराया वृद्धि से आम जन की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ जाएगा। न्यूनतम किराया कम करे।

फैसले पर फिर विचार हो
भुंतर निवासी अश्वनी कुमार का कहना है कि बसों के बढ़े किराये से आम आदमी परेशान हैं। सरकार को अधिक किराया बढ़ाने के फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। इसे जल्द कम करे।

बढ़ा किराया वापस ले
उर्मिला नेगी का कहना है कि महिलाओं पर गैस की अधिक कीमतों का पहले से बोझ है। ऐसे में बस किराये में बढ़ोतरी कर दी। सरकार को पेट्रोल की कीमतें, किराया कम करना चाहिए।

एकसाथ बढ़ोतरी सही नहीं
टेक सिंह का कहना है कि लोग पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। न्यूनतम किराया छह रुपये करना गलत है। सरकार परेशानी कम करने की जगह और बढ़ा रही है। इतनी बढ़ोतरी ठीक नहीं है।
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किराया घटाया जाए
दीप शर्मा का कहना है कि लोगों की आमदनी पहले से ही कम है। रोजगार के साधन नहीं है और सरकार ने बसों का किराया बढ़ा दिया है। न्यूनतम किराया छह की जगह चार या पांच रुपये हो।
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