कुल्लू। मणिकर्ण घाटी की दुर्गम पंचायत पीणी व तलपीणी को जोड़ने वाली शारनी-पीणी सड़क पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। सड़क व पार्वती नदी पर बने पुल का उद्घाटन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को किया। इसके बाद सीएम ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लेकिन बस पुल से आगे नहीं गई। सड़क की खराब हालत के कारण बस पीणी नहीं जा पाई। ऐसे में श्रेय लेेने के होड़ में खराब सड़क का ही उद्घाटन करवाने का मामला उजागर हुआ है। सीएम से आधी अधूरी और खस्ताहाल सड़क का उद्घाटन करवा दिया। सड़क पर न तो बस गंतव्य तक जा सकी और अन्य गाड़ियों को भी धक्के मार कर निकालना पड़ा।
सोमवार रात को हुई बारिश ने सड़क की सारी पोल खोलकर रख दी। यात्रियों से भरी बस को मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर पीणी के लिए रवाना किया। लेकिन बस पुल से आगे रवाना ही नहीं हुई और ग्रामीणों को मायूस लौटना पड़ना। यह बस शारनी पुल के पास ही खड़ी रही। कच्ची सड़क पर बस के पहिये जाम हो गए। आखिर में बस को पुल के पास ही छोड़कर मुख्यमंत्री का काफिला पीणी पंचायत के धनाली गांव में पहुंचा। काफिले के बाद भी कई गाड़ियां बीच में फंस गई, जिन्हें धक्का देकर निकाला गया। कई गाड़ियां आधे रास्ते से ही वापस लौट गई। सड़क के जल्दबाजी में किए गए उद्घाटन को लेकर कांग्रेसियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क को तलपीणी से होकर कसलादी तक निकाला जाना है। अभी तक सड़क मुश्किल से 50 फीसदी पूरी हो सकी है। सड़क का आखिरी पड़ाव पूरा होने पर उद्घाटन किया सकता था। शारनी पीणी सड़क में पैरापिट भी नहीं लगे हैं। सड़क में खतरनाक जगहों पर क्रैश बैरियर भी नहीं लगाए हैं। सड़क की हालत को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीणी सड़क का श्रेय लेने के चक्कर में मुख्यमंत्री से इसका उद्घाटन जल्दबाजी में करवाया गया है। शारनी-पीणी सड़क को लेकर कुल्लू सदर के ही दो नेताओं में काफी समय से शीतयुद्ध चल रहा था। सड़क का उद्घाटन होने के बाद अब इस बहस पर विराम लग गया है।