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किसान आंदोलन से गायब हुई फल व सब्जियां

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सब्जियों के दाम दोगुने, फल पहुंच से दूर
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पंजाब के किसान आंदोलन का असर, गायब हुईं फल-सब्जियां
जिला मुख्यालय में एक दर्जन से अधिक रेहड़ी-फहड़ी बंद
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पड़ोसी राज्य पंजाब के किसान आंदोलन का असर जिला कुल्लू में भी दिखने लगा है। सब्जी मंडियों में सब्जियों के साथ फलों की खेप नहीं पहुंच रही है। शिमला मिर्च 30 रुपये से बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो बिक रही है। सब्जी की दुकानों से सब्जियों के साथ फल भी महंगे हो गए हैं।
हालांकि जिले में दूध और ब्रेड की सप्लाई सामान्य है। परंतु सब्जी की दुकानों में आम के साथ पपीता की सप्लाई बंद है। पंजाब से आने वाले वाले बैंगन, भिंडी, घीया, टमाटर और शिमला मिर्च की 75 फीसदी तक कम हो गई है। सब्जी विक्रेताओं को 50 किलो की जगह मात्र 20 किलो सब्जी ही मिल पा रही है। आम और पपीता नहीं आने से जिला मुख्यालय में करीब एक दर्जन से अधिक रेहड़ी-फहड़ियां फिलहाल बंद हो गई हैं।
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शिमला मिर्च दो दिन पहले 30 रुपये किलो बिक रही थी जो मंगलवार को 80 रुपये हो गई है। वहीं टमाटर 20 से 30, भिंडी 30 से 50, बेंगन 30 से 50 रुपये में बिक रहा है। कई सब्जी की दुकानों में मात्र आलू, फूलगोभी, बंद गोभी और मटर ही रह गए हैं। गृहिणी नीलम, कांता देवी, पूजा, रोमा, सुनीता, श्रेया ठाकुर, विमला तथा संगीता ने कहा कि महंगी सब्जियों से बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। एपीएमसी कुल्लू के सहायक सचिव बलदेव ठाकुर ने कहा कि किसान आंदोलन की दोहरी मार पड़ गई है। सब्जियों की सप्लाई 75 फीसदी कम हुई तो वहीं कई सब्जियों के दाम दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं।
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