ऑफ सीजन को संजीवनी देने में
कामयाब नहीं हो रहा शरदोत्सव
मनाली में तीन दिन में 50 फीसदी घटी होटलों में ऑक्युपेंसी
हल्की बर्फबारी से बढ़ी सैलानियों की आमद बढ़ने की आस
राकेश राणा
मनाली (कुल्लू)। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मनाली में राष्ट्र स्तरीय शरदोत्सव ऑफ सीजन को संजीवनी देने में कामयाब होता नजर नहीं आ रहा है। न्यू ईयर इव के बाद मनाली के होटलों में लगातार ऑक्युपेंसी घटती जा रही है। हालांकि शुक्रवार को घाटी मेें हलका हिमपात होने से सैलानियों की कुछ आमद बढ़ने की आस जगी है।
शरदोत्सव पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ही आयोजित किया जाता है। विंटर कार्निवाल लोक संस्कृति को संरक्षित कर रहा है, लेकिन पर्यटकों को मनाली में ही बांधे रखने में पूरी तरह कामयाब साबित नहीं हो रहा है। मनाली में तीन दिन में होटलों की ऑक्यूपेंसी में 50 फीसदी गिरावट हुई है। न्यू ईयर इव पर आक्यूपेंसी लगभग शत प्रतिशत रही। नववर्ष के पहले दिन 70 फीसदी ऑक्यूपेंसी रही। शरदोत्सव के आगाज के बाद एकाएक ही ऑक्यूपेंसी में गिरावट हुई। वर्तमान में 35 फीसदी आक्यूपेंसी चल रही है। शरदोत्सव के दौरान दिन और रात्रि को भीड़ तो खूब उमड़ रही, लेकिन इनमें पर्यटकों की संख्या कम बताई जा रही है। स्नो प्वाइंट्स में बर्फ होने के बावजूद ऑफ सीजन में पर्यटकों की संख्या घटती जा रही है। कार्निवाल में देशभर से टीमें प्रस्तुति देने के लिए मनाली पहुंची हुई हैं। जो अपनी लोक संस्कृति का प्रदर्शन कर रही हैं। सुबह से लेकर देरशाम तक मनु रंगशाला में कार्यक्रम पेश किए जा रहे हैं। वहीं, स्थानीय महिलाएं भी कई प्रतियोगिताओं में अपना हुनर दिखा रही हैं।
इधर, होटलियर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने बताया कि ऑफ सीजन में अब ऑक्यूपेंसी घटती जा रही है। विंटर कार्निवाल में आने वाले प्रतिभागियों को ऑक्यूपेंसी में नहीं गिना जाता है। छुट्टियां न होने के कारण भी अब पर्यटक रूक नहीं रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को हुई बर्फबारी से कुछ आस लगाई जा सकती है। वहीं, एसडीएम मनाली एचआर बेरवा ने बताया कि विंटर कार्निवाल को बेहतरीन बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।