कुल्लू। चार जिलों के लाखों लोगों की सुविधा प्रदान करने वाला क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू को तीन विशेषज्ञ चिकित्सक मिले हैं। अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति करीब एक साल बाद हुई तो वहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ भी आठ माह बाद मिला है। शिमला के रिपन अस्पताल से आए हड्डी रोग विशेषज्ञ ने मंगलवार से अपनी सेवा शुरू कर दी है। जबकि त्वचा व एनेस्थिसिया के विशेषज्ञों ने कुछ दिन पहले ही सेवा शुरू की है।
विशेषज्ञों की नियुक्ति से अब मरीजें को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। विशेषज्ञों के आने से घाटी के लोगों ने खुशी जाहिर की है। कुल्लू अस्पताल से हड्डी रोग विशेषज्ञ का तबादला होने से शुरू के पांच-छह माह तक जिला अस्पताल में कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं था। ऐसे में कुल्लू जिला के साथ लगते जिला लाहौल-स्पीति जिला के अलावा मंडी जिला के द्रंग तथा बालीचौकी और पांगी-किलाड़ के मरीजों को मंडी, शिमला या फिर निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाना पड़ा। हालांकि मई से मंडी अस्पताल से हड्डी रोग विशेषज्ञ को डेपुटेशन पर भेजा गया, लेकिन अधिकतर समय तक डॉक्टरों की अनुपस्थिति से मरीजों को राहत नहीं मिल सकी।
शहरवासी रमेश चंद, उतम चंद, अखिलेश, दिपेश, राजेंद्र, राम सिंह, टिकम राम, टेड़ी सिंह,अमर सिंह, भीम सिंह, दुनी चंद, आशा, सीमा, उमा तथा अनु ने कहा कि त्वचा व हड्डी रोग विशेषज्ञों के न होने से मरीज निजी क्लीनिकों व निजी अस्पतालों में अपना इलाज करने को मजबूर थे। नए विशेषज्ञों के आने से मरीजों को सुविधा मिलेगी। उधर, कुल्लू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक केएस मल्होत्रा ने कहा कि कुल्लू अस्पताल में हड्डी रोग, त्वचा रोग और एनेस्थिसिया के विशेषज्ञों की नई नियुक्तियां कर दी गई हैं। सीएमओ डॉ सुशील चंद्र ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों के आने से कुल्लू की जनता को सुविधा मिलेगी। जनता को सहूलियत प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।