अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिले के कुछ भागों में अवैध ढंग से करवाई जा रही पैराग्लाइडिंग और राफ्टिंग के मामलों में सख्ती से निपटा जाएगा। किसी भी व्यक्ति को लोगों की सुरक्षा को दांव पर लगाने का अधिकार नहीं है और दोषी पाए जाने पर कानून में कड़ी सजा का प्रावधान है। वीरवार को हुई साहसिक खेलों की विनियामक समिति की बैठक में डीसी ने यह बात कही है। यूनुस ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले अवैध पैराग्लाइडिंग और राफ्टिंग को लेकर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैलानियों और स्थानीय लोगों से सुरक्षा उपायों को लेकर शिकायतें आती हैं। डोभी तथा बिजली महादेव में पैराग्लाइडिंग अवैध ढंग से करवाई जा रही है। तलोगी में भी अनाधिकृत रूप से साहसिक गतिविधियां जारी रखने ॎकी शिकायतें हैं। उन्होंने इन स्थानों पर पैराग्लाइडिंग की पूरी संरचना को हटाने के लिए एसडीएम और जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थापित राफ्टिंग बोर्ड और काउंटर तुरंत हटाने को कहा। उन्होंने एसोसिएशन को 10 दिनों के भीतर अपने स्थल का संविधान तैयार कर उन्हें सौंपने को कहा। उन्होंने साहसिक खेलों में मापदंडों को अपनाने तथा लोगों की सुरक्षा को लेकर एसोसिएशन की जिम्मेदारी तय की। बैठक में कुल्लू के एसडीएम अनुराग चंद्र शर्मा, मनाली के एसडीएम अश्वनी कुमार, अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक कर्नल नीरज राणा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी बीसी नेगी, उप-अधीक्षक पुलिस आशीष शर्मा, पैराग्लाइडिंग और राफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशन लाल तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
साहसिक खेलों की दरों को प्रदर्शित करने के निर्देश
यूनुस ने कहा कि पैराग्लाइडिंग और रॉफ्टिंग की निर्धारित दरें हैं और सैलानियों की सुविधा के लिए इन दरों को डिस्पले किया जाए। उन्होंने जिला पर्यटन विकास अधिकारी को साहसिक खेलों की दरों को दर्शाते हुए प्रकाशित करवाने और इन्हें पर्यटकों और साहसिक खेलों से जुड़े संगठनों को उपलब्ध करवाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्राय: सैलानियों से ओवरचार्ज को लेकर शिकायतें मिल रही हैं।
सैलानियों से दुर्व्यवहार करने पर होगी कार्रवाई
घाटी के सैर सपाटे को आने वाले पर्यटकों के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी अथवा दुर्व्यवहार करने पर नजर रखने तथा कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की हालत में यदि रॉफ्टर पाया जाता है तो उसका लाइसेंस तत्काल रद्द कर दिया जाएगा और साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना करने का भी प्रावधान है। उन्होंने इस संबंध में समितियों को समय-समय पर निरीक्षण के दौरान रॉफ्टर का मेडिकल परीक्षण करवाने के भी निर्देश दिए।