अमर उजाला ब्यूरो
सैंज (कुल्लू)। बारिश के बाद जिला में जगह-जगह पर भूस्खलन का दौर जारी है। लारजी डैम के पास पहाड़ी दरकने से गिरे मलबे के कारण औट-लूहरी एनएच-305 करीब 12 घंटों तक बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर एचआरटीसी बसों समेत करीब 250 वाहन भी रात भर फंसे रहे। हालांकि कुछ यात्री औट तक जान जोखिम में डालकर पहुंचे।
एनएच-305 में वीरवार रात करीब एक बजे से लारजी डैम के पास पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें आ गिरी। सुबह होने तक यहां दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी। पहाड़ी दरकने से सड़क पर पड़े मलबे से सैंज से कुल्लू, बंजार से कुल्लू आने जाने वाली निगम की बसों समेत सैकड़ों वाहन फंस गए, जबकि बंजार की ओर जाने वाले वाहनों की रफ्तार भी रुक गई। हालांकि सुबह दस बजे के बाद छोटे वाहन लारजी से बाईपास से होकर भी गुजरे। एनएच-305 बंद होने की सूचना प्रशासन को मिलते ही मशीनरी को मौके पर भेजा गया। लेकिन पहाड़ी से गिरे भारी मात्रा में मलबे को उठाने को काफी समय लगा। दोपहर एक बजे के बाद एनएच-305 से वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सकी। ग्रामीण खीमी राम, रामसरन, मदन लाल, मोहन लाल, भाग सिंह, मनोज कुमार, शेर सिंह, डोला सिंह, ओमदत्त, भगत राम, केहर सिंह, राम लाल, बिहारी लाल, रोशन लाल, दोत राम, मोती राम, रमेश कुमार, झाबे राम, सेस राम, दुनी चंद, रेपति राम, नरेंद्र सिंह, नरेश कुमार, श्याम लाल, हरिदास, नीलम कुमार ने कहा कि रात करीब दो बजे लारजी के पास डैम के पास भारी भूस्खलन हुआ, जिससे एनएच बंद हो गया। इससे आधा दर्जन से अधिक बसों समेत सैकड़ों वाहन 12 घंटों तक फंसे रहे। दोपहर बाद एनएच बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली। उधर, इस संबंध में विभाग के बंजार एक्सईएन महेश राणा ने कहा कि दो मशीनों को सड़क के कार्य में लगाया गया था। दोपहर एक बजे एनएच बहाल कर यातायात को सुचारु कर दिया गया।