कुल्लू। बड़ी बेरहम होती है ये बदनसीबी भी, कमबख्त उम्र का लिहाज भी नहीं करती। किसी शायर के ये शब्द 26 वर्षीय दीपा की वर्तमान स्थिति पर सटीक बैठते हैं। जिला मुख्यालय के साथ सटी खराहल घाटी के गांव चंसारी की बेसहारा महिला के पति राम चंद्र की करीब पांच माह पूर्व असामयिक मौत हो गई।
पति के गुजरने के बाद दीपा की मदद करने वाल कोई नहीं था। ऐसी हालत का पता चलने पर शुक्रवार को उपायुक्त यूनुस विभागीय अधिकारियों और जिला रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों के साथ दीपा की मदद के लिए उसके घर पहुंचे। डीसी कुल्लू ने मौके पर ही दीपा को महिला एवं बाल विकास विभाग की मदर टेरेसा मातृ संबल योजना और खाद्य आपूर्ति विभाग की योजना से लाभान्वित किया। जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से भी कंबल व अन्य आवश्यक सामग्री भेंट की। उसे तत्काल राशन भी उपलब्ध करवाया गया। दीपा को मकान की व्यवस्था करने के लिए भी उपायुक्त ने मौके पर ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की गृह निर्माण अनुदान योजना तथा ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से शौचालय निर्माण के फार्म भरवाए। दीपा की तरह ही लगभग एक वर्ष पूर्व छोटी उम्र में पति को खो चुकी पुईद गांव शारदा देवी की मदद के लिए भी उपायुक्त शुक्रवार को उसके घर पहुंचे। उन्होंने शारदा देवी को भी आवश्यक सामग्री प्रदान की तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के फार्म मौके पर ही भरवाए ,ताकि वह इन योजनाओं का तत्काल लाभ उठा सके। यूनुस ने कहा कि दीपा और शारदा को सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से भी अतिशीघ्र लाभान्वित किया जाएगा। दीपा और शारदा ने उनका आभार जताया है। यूनुस ने कहा कि दीपा और शारदा की तरह जिला के अन्य जरूरतमंद लोगों विशेषकर बेसहारा महिलाओं की मदद के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे। विभिन्न विभागों के अधिकारी स्वयं ऐसे लोगों के घर जाकर मौके पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करेंगे। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र सिंह आर्य, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव वीके मोदगिल, खाद्य आपूर्ति और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।