रोहतांग में बस फिसलने
से दो घंटे फंसे रहे यात्री
रेस्क्यू टीम और बीआरओ की मदद से मिली राहत
रात 12 बजे केलांग पहुंची रिकांगपिओ-जाहलमा बस
अमर उजाला ब्यूरो
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। रोहतांग दर्रे में बुधवार देर शाम को परिवहन निगम की बस बर्फ के बीच फंस जाने से यात्रियों की जान मुश्किल में पड़ गई। करीब दो घंटे तक यात्रियों को बर्फीली हवाओं के बीच कड़के की ठंड से जूझते रहे। समय रहते मढ़ी में तैनात बचाव दल की टीम और बीआरओ की एक मशीन वहां नहीं पहुंचती होती तो यात्रियों की जान मुश्किलों में पड़ सकती थी।
मौके पर पहुंची टीम ने बस को मशीन की मदद से बाहर निकाला और कड़ी मशक्कत के बाद बस को रात 12 बजे केलांग पहुंचाया। रोहतांग दर्रा में अभी भी सफर सुरक्षित नहीं है मौसम का मिजाज बिगड़ते ही यहां बर्फ का दौर शुरू हो जाता है। बुधवार देर शाम को रोहतांग दर्रा में बर्फबारी शुरू हो जाने से एचआरटीसी केलांग डिपो की बस राहनीनाला से दो मोड़ ऊपर बर्फ में स्किड होकर नाली में फंस गई। हालात बिगड़ते देख निगम के चालक-परिचालक ने इसकी सूचना निगम प्रबंधन को दी।
सूचना मिलते ही बचाव दल की टीम और बीआरओ का एक मशीन मौके पर पहुंच कर यात्रियों को राहत पहुंचाई। बुधवार को एचआरटीसी केलांग डिपो की बस रोहतांग दर्रे में फंसे होने से सवार लोगों की जान आफत में पड़ गई थी। बस में 25 लोग सवार थे और यह बस रिकांगपिओ से जाहलमा की तरफ जा रही थी। यात्री राजेश ठाकुर, महेश और सुनील ने बताया कि यह बस सुबह आठ बजे कुल्लू से रवाना हुई थी। जो पांच से छह घंटे तक गुलाबा से मढ़ी तक जाम में फंसी रही। जैसे ही उन्हें जाम से थोड़ी राहत मिली तो बर्फ का दौर शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि चालक ने बस को धीरे-धीरे रोहतांग से निकालनी चाही तो राहनीनाला के पास बस बर्फ में फिसल गई। सूचना मिलते ही एचआरटीसी केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगल चंद तत्काल वहां पहुंचे। हालांकि उन्होंने यात्रियों को मुसीबत से निकालने के लिए पूरे इंतजाम पहले ही कर दिए थे।
इस संबंध में आरएम केलांग मंगल चंद मनेपा ने बताया कि बस रोहतांग दर्रे में दो घंटे तक यात्रियों के साथ फंस गई। बाद में रेस्क्यू और बीआरओ की एक मशीन के मदद से बस को वहां से निकाल कर रात बारह बजे केलांग पहुंचाया गया।