कुल्लू-मनाली में फंसे जनजातीय किसान
26 मार्च तक जनजातीय क्षेत्रों के लिए नहीं होगी उड़ान
जनजातीय युवा मंच ने दी संघर्ष की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय लोगों को 26 मार्च तक हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं हो पाएगी। राज्य सरकार का हेलीकॉप्टर फिलहाल ट्रायल उड़ान के साथ वीवीआईपी ड्यूटी में व्यस्त हो गया है। 23 मार्च को प्रस्तावित घाटी की तीनों उड़ानें रद्द कर हेलीकाप्टर भुंतर एयरपोर्ट से मंडी के लिए उड़ गया था। उड़ानें रद्द होने से कुल्लू-मनाली में फंसे जनजातीय लोगों के साथ यहां तैनात सरकारी कर्मचारियों की भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
घाटी में खेतीबाड़ी का काम शुरू होने के कारण कुल्लू में फंसे जनजातीय किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, लाहौल जाने वाले वाहनों को गुलाबा स्थित एनजीटी के बैरियर से आगे जाने की अनुमति नहीं मिल रही है। लिहाजा, पैदल यात्री गुलाबा से रोहतांग की खड़ी चढ़ाई चढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उधर, रोहतांग टनल प्रबंधन ने टनल होकर आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में जनजातीय लोग आखिर अपना दुखड़ा किसे सुनाएं। कुल्लू में तैनात उड़ान प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के लिए हेलीकाप्टर की उड़ानें कब शुरू होंगी, इसको लेकर फिलहाल सरकार से कोई शेड्यूल जारी नहीं हुआ है। ढुलमुल हवाई सेवा को लेकर पूर्व विधायक रवि ठाकुर और जनजातीय युवा मंच एवं जिप सदस्य सुदर्शन जस्पा ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनजातीय क्षेत्रों के साथ सौतेला व्यवहार अपना रही है। कहा कि 23 मार्च को प्रस्तावित उड़ानों को रद्द कर सरकार ने साबित कर दिया है कि उनके लिए जनजातीय क्षेत्रों के क्या मायने हैं। रवि ठाकुर ने कहा कि सत्ता में आने से पहले डॉ. मारकंडा विकास के बड़े दावे करते रहे, लेकिन सत्ता में आते ही जनता की समस्याओं को भूल गए हैं। जस्पा ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही एक सिक्के के दो पहलू हैं। ये दोनो राजनीतिक दल बारी-बारी जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घाटी के लिए जल्द उड़ानों की व्यवस्था नहीं हुई तो जनजातीय युवा मंच सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा।