अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। बागवानी के लिए देश-विदेश में मशहूर कुल्लू जिले की बागवानी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मौसम में आए बदलाव के चलते इस बार तापमान में गर्मी अधिक बढ़ गई है। बारिश और बर्फबारी न होने से इस बार प्लम, आडू, सेब और नाशपाती की अर्ली फ्लावरिंग के आसार बन गए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सेब की अर्ली फ्लावरिंग होती है तो इसका असर सेब की आगामी फसल पर भी पड़ेगा। जिले में जनवरी में एक बार बारिश हुई है। जबकि कुल्लू, मनाली, सैंज, लगघाटी, खराहल घाटी और मणिकर्ण में बर्फबारी तो सेब बगीचों को छू भी नहीं पाई। इसके बाद न तो बारिश हुई है और न ही बर्फबारी। ऐसे में सेब के चिलिंग आवर्स भी पूरे नहीं होने के आसार हैं। बागवानी विभाग के विशेषज्ञों की मानें तो अगर मौसम में ऐसी ही गर्मी रही तो प्लम के पौधों में करीब 15-20 दिन पहले ही फूल आ जाएंगे। बागवान मदन लाल, रमेश कुमार, तारा सिंह, लेस राम, नानक चंद, गेहर सिंह, उत्तम चंद, भाग सिंह आदि ने कहा कि बर्फबारी न होने से उन्हें अपने सेब बगीचों की चिंता सताने लगी है। उन्होंने कहा कि मौसम का ऐसा ही मिजाज रहा तो प्लम, आडू, सेब और नाशपाती में अर्ली फ्लावरिंग होगी, जिसका असर सेब की पैदावार पर भी पड़ेगा। बागवानी विभाग के विषय विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि मौसम की बेरुखी का असर प्लम और सेब की फ्लावरिंग पर देखने को मिल सकता है। मौसम में गर्मी के चलते अर्ली फ्लावरिंग हो सकती है। उन्होंने कहा कि अभी तक सेब के चिलिंग आवर्स भी पूरे नहीं हो सके हैं।