पंजीकरण के बाद गौ सदनों को मिलेगी मदद : डीसी
हर ब्लॉक में दो-दो गौ सदन के लिए जमीन चिह्नित करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू में चलाए जा रहे विभिन्न गौ सदनों के संचालकों को अब पंजीकरण करने के बाद मदद मिलेगी। उपायुक्त कुल्लू ने अपील की है कि वे इन गौ सदनों को राज्य गौवंश संवर्धन बोर्ड से पंजीकृत करवाएं। पंजीकरण के बाद इन गौ सदनों को बोर्ड की ओर से आर्थिक मदद व अन्य सुविधाएं मिल सकती हैं।
शनिवार को बचत भवन में गौ सदनों के संचालकों, विभिन्न संस्थाओं और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान उपायुक्त ने बताया कि कुल्लू जिला में आठ गौ सदन चलाए जा रहे हैं। इनके पंजीकरण की सभी औपचारिकताएं पूरी करवाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद की जाएगी। पंजीकरण के बाद गौ सदनों को राज्य गौवंश संवर्धन बोर्ड के माध्यम से आर्थिक मदद मिल सकती है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला के प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो-दो गौ सदनों के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में गौ सदनों के लिए जमीन का चयन करने के आदेश दिए गए हैं। पहले से ही चल रहे आठ गौ सदनों के लिए जमीन हस्तांतरण प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा। डोभी के गौ सदन के लिए अतिशीघ्र धनराशि जारी की जाएगी। बंजार के गांव चनौन और आनी के गांव कुंगश में भी गोसदन के निर्माण के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
उपायुक्त ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को जिला के सभी पशुओं की माइक्रोचिपिंग की दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश भी दिए। जिला में सभी बेसहारा पशुओं को तुरंत गौ सदनों तक पहुंचाने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 7018064013 आरंभ किया गया है। इस नंबर पर बेसहारा पशुओं की सूचना दी जा सकती है।
यूनुस ने कहा कि इस संबंध में दस दिन के भीतर एक वेबसाइट भी लांच की जाएगी। उन्होंने एनआईसी के अधिकारियों को इस वेबसाइट को तुरंत तैयार करने तथा इसे जिला की आधिकारिक वेबसाइट से लिंक करने के निर्देश दिए। बैठक में अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर मनाली के एसडीएम एचआर बेरवा, एएसपी निश्चिंत सिंह नेगी, सहायक आयुक्त डॉ अमित गुलेरिया, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ आरएल संदल, डॉ पॉल अन्य अधिकारियों, गौ सदन संचालकों और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे।