मनाली (कुल्लू)। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मनाली में एनजीटी के आदेश पर होटलों के काटे गए विद्युत कनेक्शन दस्तावेज जमा करने के बाद बहाल किए जा रहे हैं। जिससे होटल संचालकों और मालिकों राहत मिली है। दस्तावेज मिलने के बाद मनाली के 27 होटलों के विद्युत कनेक्शन बहाल कर दिए गए हैं। जिससे पर्यटकों को भी आश्रय मिला है।
एनजीटी की ओर से गठित कमेटी जिला भर में होटलों में निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर रही है। इसी रिपोर्ट के आधार पर मनाली में 64 होटलों के बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं। एनजीटी के आदेश पर कुल्लू जिला के 1700 होटलों में कूड़ा निष्पादन, प्रदूषण बोर्ड की एनओसी, पर्यटन विभाग के पंजीकरण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट समेत अन्य चीजों को लेकर निरीक्षण किया जा रहा है। खामियां पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है और बिजली व पानी कनेक्शन काटे जा रहे हैं। कार्रवाई से होटल संचालकों व मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे मेें आनन-फानन में होटल व्यवसायी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हुए हैं। संबंधित विभागों को आवश्यक दस्तावेज मिलने के बाद होटलों को राहत दी जा रही है।
वहीं, होटलियर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने बताया कि होटलों की तरफ से दस्तावेज पेश कर दिए गए हैं। जिस पर राहत मिली है। विद्युत बोर्ड के एसडीओ लतेश शर्मा ने बताया कि 27 होटलों के विद्युत कनेक्शन बहाल कर दिए हैं। इधर, एसडीएम मनाली एचआर बेरवा ने बताया कि नियमानुसार आवश्यक दस्तावेज पेश करने पर बिजली कनेक्शन बहाल किए जा रहे हैं। कमेटी नियमों रे अनुसार कार्रवाई अमल पर ला रही है।
कसोल में हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
कुल्लू जिला में नियमों के विरुद्ध चल रहे होटलों पर एनजीटी के अलावा हाईकोर्ट ने भी शिकंजा कस दिया है। कसोल में हाईकोर्ट के आदेश पर बिना मंजूरी चल रहे 42 होटल सील किए जा चुके हैं। जबकि वर्तमान में सरकारी भूमि पर बने होटलों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
होटल कारोबारी कर रहे मंथन
होटलों के आवश्यक दस्तावेजों को लेकर लगातार होटल कारोबारी मंथन कर रहे हैं और कार्रवाई से बचने के लिए समय रहते आवश्यक दस्तावेज बनाने की सलाह दी जा रही है। सख्त कार्रवाई से होटलियर सकते में हैं।