कुल्लू। रोहतांग दर्रा में भारी बर्फबारी हो जाने की सूरत में लाहौल घाटी शेष विश्व से कट जाएगी। हालांकि अभी भी मौसम अनुकूल होने के कारण 13050 फीट रोहतांग दर्रे से वाहनों की आवाजाही जारी है। वहीं बुधवार से रोहतांग दर्रा आधिकारिक तौर से बंद हो जाएगा।
लाहौल-स्पीति प्रशासन ने दर्रा के दोनों ओर बचाव चौकियां स्थापित कर दी हैं। कोकसर और मढ़ी में स्थापित की गई बचाव चौकियों में जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। रोहतांग लांघने वाले वाहन चालकों के अब कोकसर और मढ़ी में स्थापित बचाव चौकियों में पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। जिससे विपरीत परिस्थितियों में बचाव दल के जवान उनकी सहायता को रोहतांग में पहुंच सके। लाहौल-स्पीति प्रशासनिक अमले ने विंटर सीजन से निपटने के लिए तमाम तैयारियां कर ली हैं। वहीं रोहतांग के आर पार बुधवार से बचाव चौकी भी अपना काम शुरू कर देंगी। हालांकि अभी रोहतांग दर्रा में वाहनों की आवाजाही को लेकर कोई परेशानी नहीं है। ठंड के चलते लाहौल व कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में झीलें व पेयजल स्रोतों में पानी का जमना शुरू हो गया है।
इधर, डीसी लाहौल-स्पीति देवा सिंह नेेगी ने कहा कि रोहतांग के आर-पार कोकसर व मढ़ी में बचाव चौकियां आज से अपना काम शुरू कर देंगी। दोनों ओर रेसक्यू टीम में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के एक्सपर्ट समेत अन्य लोग शामिल होंगे। रोहतांग में अभी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बहाल है।