उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। मयाड़ घाटी में उदयपुर-खंजर सड़क पर करपट गांव के सामने करीब 70 मीटर सड़क नाले में आई बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार को करपट नाले में बाढ़ आने के बाद मयाड़ नाले का बहाव रुक गया था, जिससे वहां झील बन गई थी। बुधवार देर शाम झील का पानी निकलने लगा तो तेज बहाव के साथ हुए भू-कटाव के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया।
सड़क क्षतिग्रस्त होने से मयाड़ घाटी के रुबलिंग, चांगुट, तिंगरेट, उड़गोस, छालिंग, शुकटो, करपट और खानालंग समेत आठ गांवों का उपमंडल मुख्यालय उदयपुर से यातायात संपर्क पूरी तरह कट गया। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने मौके पर वैकल्पिक मार्ग तैयार कर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी है।
सड़क बह जाने के कारण सब्जियों से लदी एक गाड़ी समेत कई अन्य वाहन भी फंस गए हैं। इन्हें निकालना मुश्किल हो रहा है। इससे उड़गोस, छालिंग और चांगुट गांव के किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इन दिनों सब्जियों का सीजन चरम पर है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां किसान साल में केवल एक बार फसल उगाते हैं और इसके लिए उन्हें छह से सात महीने तक मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में सड़क बंद होने से उनकी तैयार फसल को मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
छोटी गाड़ियों के लिए बहाल
मार्ग के क्षतिग्रस्त की सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने मशीनें मौके पर तैनात कर वैकल्पिक सड़क का निर्माण शुरू कर दिया। लोक निर्माण विभाग चिनाब मंडल उदयपुर के अधिशासी अभियंता अश्वनी गुलेरिया ने बताया कि वीरवार शाम करीब 4:30 बजे वैकल्पिक मार्ग से छोटी गाड़ियों की आवाजाही शुरू कर दी है। बड़े वाहनों के लिए मौसम अनुकूल रहने पर एक-दो दिन का समय और लग सकता है। विधायक लाहौल-स्पीति अनुराधा राणा ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सड़क को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए ताकि किसानों का सब्जी उत्पाद समय पर मंडियों तक पहुंच सके।