अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। निजी स्कूलों की ओर से की जा रही मनमानी को लेकर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। इसी कड़ी में उपायुक्त ने कुल्लू शहर में चल रहे एक नामी निजी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। स्कूल प्रबंधन की ओर से नौवीं और दसवीं की कक्षाओं को सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा, जबकि मान्यता हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की है।
स्कूल की अन्य शाखा कलैहली में इन दोनों कक्षाओं को हिमाचल बोर्ड का पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। इस पर उपायुक्त ने इन कक्षाओं को शीघ्र कलैहली स्थित स्कूल परिसर में स्थानांतरित करने को कहा। कक्षाओं को जल्द कलैहली परिसर में स्थानांतरित न करने पर जिला दंडाधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को इन कक्षाओं को बंद करने को कहा है। स्कूल में कई बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अन्य खामियां भी पाई गई हैं। इसको लेकर निजी स्कूल को नोटिस भी जारी किया गया है। जिला दंडाधिकारी के औचक निरीक्षण से स्कूल में हड़कंप मच गया है। सुबह ही दस बजे के बाद ही टीम ने दबिश दे दी थी। इसके बाद शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से दस्तावेज मांगे। इससे पूर्व जिला दंडाधिकारी यूनुस ने डीएवी स्कूल मौहल का भी निरीक्षण किया। हालांकि स्कूल में कोई विशेष कमियां नहीं पाई गई। छुटपुट मामलों में स्कूल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। गौर रहे कि कुछ दिन पहले ही जिला दंडाधिकारी यूनुस ने शहर के एक नामी निजी स्कूल में अनियमितताएं पाए जाने पर स्कूल को बंद करने तक के आदेश दे डाले थे। लेकिन अब इस स्कूल को मानदंडों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
कमी पाने पर स्कूल हो सकते हैं बंद : यूनुस
उपायुक्त यूनुस ने कहा कि वह भविष्य में ऐसे सभी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे, जहां कहीं से भी उन्हें शिकायत प्राप्त होगी। शिक्षा का अधिकार कानून का सख्ती से पालन किया जाएगा। किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर स्कूल को बंद करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।उनका उद्देश्य केवल बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना है। इसको लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।